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छिंदवाड़ा: बीजाढाना के जंगल में जंगली हाथी के हमले से ग्रामीण घायल

छिंदवाड़ा के तामिया क्षेत्र में कोहरे के कारण कम दृश्यता में 55 वर्षीय चतुरसिंह शीलू पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। खेत में बैल चराते समय हुए इस हमले में उन्हें बाईं जांघ में मामूली चोटें आईं। सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने घायल को तामिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस ने भी बयान दर्ज किए। वन विभाग की टीमें घटना से पहले और बाद में भी जंगली हाथी की उपस्थिति वाले इलाकों में जागरूकता और निगरानी अभियान चला रही थीं।

श्योपुर जंगल में भारी वर्षा से जलभराव, चीतों की निगरानी बढ़ाई गई

मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल में लगातार वर्षा के कारण श्योपुर जिले के जंगल में व्यापक जलभराव हो गया है, जिससे जलस्तर बढ़ने की संभावना है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कूनो प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं और चीतों की निगरानी बढ़ा दी गई है। श्योपुर में पिछले दो दिनों से जारी बारिश ने नदी-नालों को उफान पर ला दिया है, जिससे 48 घंटे में आवदा डैम ओवरफ्लो हो गया और कई गांव टापू बन गए। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में भी तेज वर्षा की संभावना जताई है, जो चीतों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है, खासकर 27 अगस्त 2024 को नर चीता पवन की नाले में डूबने से हुई मौत के बाद।

कूनो कर्मचारियों को 20 माह से नहीं मिला चीता भत्ता

कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या संतोषजनक होने के बावजूद, चीता प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों को 20 माह से लगभग 1500 रुपये का मासिक चीता भत्ता नहीं मिला है। इस मामले पर अधिकारियों की चुप्पी से स्टाफ में असंतोष व्याप्त है, जो चीतों की दिन-रात निगरानी में लगे हुए हैं। चीतों के खर्चों पर विधानसभा में भी सवाल उठ चुके हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें संसाधनों की कमी और अधिकारियों द्वारा सुनवाई न होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 हाथी एक सप्ताह कार्यमुक्त रहेंगे

कान्हा टाइगर रिजर्व के 16 विभागीय हाथियों को 14 से 20 सितंबर तक शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए कार्यमुक्त रखा जाएगा। इस एक सप्ताह के पुनर्यौवन शिविर में हाथियों को विशेष आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, मालिश और सामाजिक गतिविधियों का अवसर मिलेगा। वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन हाथियों के रक्त, फीकल और मूत्र के नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। यह शिविर लगातार 16 वर्षों से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाता है।

पन्ना में प्लास्टिक कचरे से ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार, बन रहे उपयोगी उत्पाद

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आसपास के गांवों में प्लास्टिक कचरा अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का स्रोत बन गया है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा 2022 में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशंस’ के तहत 14 ग्राम पंचायतों के 30 गांवों से 45 टन से अधिक प्लास्टिक एकत्र कर उसे उपयोगी उत्पादों जैसे बैग और स्मृति चिन्ह में बदला गया है। यह पहल महिलाओं को प्रशिक्षण, आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान कर रही है, साथ ही पारंपरिक कारीगरी को पर्यावरणीय उद्देश्य से जोड़ रही है। 2025 में बांधवगढ़ तक विस्तारित इस मॉडल को SKOCH सिल्वर अवार्ड भी मिला है, जो संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ता है।

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव 24 से 28 सितंबर तक, स्थान और अवधि में परिवर्तन

बांधवगढ़ हाथी महोत्सव की तारीखें घोषित कर दी गई हैं, यह 24 से 28 सितंबर तक पांच दिवसीय आयोजन होगा। इस वर्ष महोत्सव का स्थान बदलकर ग्राम परासी के निकट धमोखबर बफर गेट कर दिया गया है, जो पहले रामा हाथी कैंप में एक सप्ताह का होता था। महोत्सव के दौरान बांधवगढ़ के सभी हाथियों की विशेष सेवा की जाएगी, उन्हें काम से दूर रखकर पसंदीदा भोजन और आराम का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हाथियों के संरक्षण तथा मानव-हाथी सहअस्तित्व के बारे में जागरूक करना भी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव गांधीसागर अभयारण्य में मादा चीता सीसीबी2 छोड़ेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को गांधीसागर अभयारण्य में बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता सीसीबी2 को छोड़ेंगे। इसके साथ अभयारण्य में दो नर और दो मादा सहित कुल चार चीते हो जाएंगे, जिससे चीता संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। यह मादा चीता 28 फरवरी 2026 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान लाई गई थी और मई 2026 में क्वारंटाइन के बाद जंगल में छोड़ी गई। इसने भारतीय परिस्थितियों और पारिस्थितिकी तंत्र के साथ सहजता से तालमेल बिठा लिया है। इससे पहले गांधी सागर में प्रभाष, पावक और धीरा को छोड़ा गया था।

साथी की मौत से आक्रामक हुए हाथी को सूर्या ने किया शांत, वन विभाग को मिली सफलता

संजय टाइगर रिजर्व में एक नर हाथी साथी की मौत से आक्रामक हो गया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत थी और उसे नियंत्रित करना वन विभाग के लिए चुनौती बन गया था। इस स्थिति को संभालने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित हाथी सूर्या को बुलाया गया। सूर्या की मौजूदगी ने आक्रामक हाथी को शांत कर दिया, जिससे दोनों में दोस्ती हो गई। डॉक्टरों की टीम ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद हाथी को नियंत्रित किया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर बांधवगढ़ भेज दिया।

मैहर मां शारदा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग के पास दिखा तेंदुआ

मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग के पास बीती रात एक तेंदुआ कुत्ते का पीछा करते हुए देखा गया। जिस समय यह घटना हुई, उस समय श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। सीढ़ियों पर लगी सुरक्षा जाली ने तेंदुए और श्रद्धालुओं के बीच अवरोध का काम किया, जिससे किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। इस घटना से लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, त्रिकूट पहाड़ी क्षेत्र में पिछले छह महीने से अधिक समय से एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ देखी जा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर चिंताएँ बढ़ गई हैं।

कूनो नेशनल पार्क में अब चीता के साथ चंबल सफारी भी, व्यापक वन्यजीव पर्यटन केंद्र बनेगा

श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क को अब व्यापक वन्यजीव पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पार्क राजस्थान के रणथंभौर और मध्य प्रदेश के माधव नेशनल पार्क के बीच पर्यटन कॉरिडोर की महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। पर्यटक अब चीता सफारी के साथ चंबल नदी सफारी का भी अनुभव कर पाएंगे। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग इसके लिए होटल, वाहन और अन्य संसाधन तैयार कर रहा है। चंबल सफारी में घड़ियाल, मगरमच्छ और दुर्लभ कछुए देखे जा सकेंगे। पर्यटक लगभग 180-200 किलोमीटर का सफर तय कर तीनों पार्कों का भ्रमण कर सकेंगे।