बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश एसटीएफ ने बांग्लादेशियों के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने के आरोप में भोपाल निवासी नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया है। आरोप के अनुसार, अख्तर बांग्लादेशी नागरिकों को बौद्ध अनुयायी दर्शाकर फर्जी पासपोर्ट बनवाता था।
नसीम अख्तर वर्ष 2016 से शहर के एमपी नगर में टूर एवं ट्रेवल्स का काम कर रहा था, जिसके बाद उसने पासपोर्ट एजेंट का काम शुरू कर दिया। पूछताछ में उसने भोपाल में अब तक सामने आए 70 लोगों के पासपोर्ट में से 10 के पासपोर्ट बनवाने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
वर्ष 2024 में नागपुर में भी बांग्लादेशियों के पासपोर्ट भोपाल से बनवाने के एक मामले में नसीम अख्तर आरोपित रहा है। महाराष्ट्र पुलिस ने इस रैकेट का पर्दाफाश किया था, जिसके बाद नसीम अख्तर को पकड़ा गया था। उस पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और पासपोर्ट अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
नसीम अख्तर ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया है कि उसने रियाल चौधरी उर्फ मित्यानंद भिक्षु के कहने पर भोपाल से पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। रियाल चौधरी को पासपोर्ट बनवाने वाले नेटवर्क का सरगना माना जा रहा है, जिसे उसके सहयोगी के साथ पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
वहीं, एसटीएफ ने महाराष्ट्र से दो ऐसे लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिनके पासपोर्ट इस नेटवर्क के माध्यम से बनवाए गए थे।
फर्जी पासपोर्ट बनाने का तरीका
मध्य प्रदेश और नागपुर में मामले सामने आने के बाद देश के अन्य राज्यों में भी बौद्ध मठों के पते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का संदेह बढ़ गया है। एसटीएफ की टीमें असम और बंगाल सहित कई राज्यों में आरोपितों की तलाश कर रही हैं।
जांच में पता चला है कि ये लोग पहले असम पहुंचे, वहां से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में आए और बौद्ध भिक्षु बनकर मठों में रहने लगे। वहीं का पहचान पत्र बनवाकर इसी आधार पर पासपोर्ट बनवाए गए।
विदेश यात्राओं की जांच
एसटीएफ विदेश मंत्रालय, विमानन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की मदद से इन पासपोर्ट धारकों की विदेश यात्रा का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
कुछ पासपोर्ट धारकों की थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया और इंडोनेशिया की यात्रा करने की पुष्टि हो चुकी है।
सांठगांठ और वित्तीय पहलू
जाली दस्तावेजों के जरिये बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने के तार अब पासपोर्ट सेवा केंद्र से भी जुड़ गए हैं। पुलिस व अन्य विभागों की तरह यहां भी सांठगांठ का खुलासा हुआ है।
नसीम अख्तर ने बताया कि वह एक पासपोर्ट बनवाने के एवज में 20 हजार रुपये लेता था। उसने एक कर्मचारी का नाम बताया है, जिसके जरिये वह पासपोर्ट बनवा लेता था।
एसटीएफ भोपाल के गोविंदपुरा स्थित अन्नानगर में कैफे चलाने वाले संचालक से पूछताछ कर रही है, वहीं ग्वालियर के डबरा में भी एक कैफे संचालक की तलाश की जा रही है।
डीआईजी, एसटीएफ का बयान
डीआईजी, एसटीएफ राहुल लोढ़ा ने बताया कि भोपाल के एजेंट ने 10 पासपोर्ट बनवाए थे और प्रति पासपोर्ट 20 हजार रुपये लिए जाते थे। उन्होंने पुष्टि की कि एजेंट को नामजद कर गिरफ्तार कर लिया गया है, और इस मामले में अभी और खुलासे होंगे।

