भोपाल में एक महिला ने खुद को ट्रेनी आईएएस अधिकारी और मप्र पर्यटन की एडिशनल डायरेक्टर बताकर रोहित लिल्हारे नामक व्यक्ति से 39.17 लाख रुपये ठग लिए। महिला ने उसे एमपीटी की संपत्तियां लीज पर दिलाने और नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। उसने संपत्ति के लिए 35.30 लाख और नौकरी के लिए 3.87 लाख रुपये लिए। काम न होने पर रोहित ने पैसे वापस मांगे, जिस पर उसे केवल एक लाख रुपये ऑनलाइन लौटाए गए। पुलिस ने जांच के बाद महिला, उसके दो भाइयों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों को सरकारी नौकरी और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की संपत्ति दिलाने का झांसा देने के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उनके नए वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर में ब्लॉगिंग करती दिख रही हैं और खुद को प्रोबेशनर बता रही हैं। पुलिस इन वीडियो की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्होंने अपनी फर्जी पहचान बनाने के लिए इन गतिविधियों का कब तक इस्तेमाल किया। तृप्ति पर चंदेरी में 9.80 लाख रुपये और भोपाल में 39.17 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
मध्य प्रदेश एसटीएफ ने बांग्लादेशियों के लिए फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोप में भोपाल निवासी एजेंट नसीम अख्तर को गिरफ्तार किया है। अख्तर ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर बौद्ध अनुयायी दर्शाते हुए पासपोर्ट बनवाए थे। उसने भोपाल में सामने आए 70 मामलों में से 10 पासपोर्ट बनवाने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जांच में पासपोर्ट सेवा केंद्र में सांठगांठ का खुलासा हुआ है, जहां वह एक पासपोर्ट के लिए 20 हजार रुपये लेता था। एसटीएफ अन्य राज्यों में भी जांच कर रही है और विदेश यात्रा रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने 74 वर्षीय कंपनी डायरेक्टर मनोहरलाल गुप्ता को 2.14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गुप्ता पर गुजरात में मेडिकेयर कंपनियों की डीलरशिप दिलाने का प्रलोभन देकर कमलेश अग्रवाल से मोटी रकम ऐंठने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने बताया कि दोनों कंपनियों के नाम पर कुल एक करोड़ रुपये जमा कराए गए और बाद में मार्जिन मनी व मूल रकम नहीं लौटाई गई। डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, जांच में कुल ठगी 2.14 करोड़ रुपये की पाई गई। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
भोपाल के शाहपुरा में एक सेवानिवृत्त अधिकारी घनश्याम प्रसाद मिश्रा और उनके परिवार को साइबर ठग ने 64 हजार रुपये का चूना लगाया। ठग ने खुद को रिश्तेदार बताकर 1 अगस्त को फोन किया और दावा किया कि उसका रिश्तेदार अपोलो अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है, जिसे स्टेंट के लिए तत्काल भुगतान की आवश्यकता है। उसने फर्जी ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट भेजकर झांसा दिया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने कुल 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। संदेह होने पर बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
धामनोद में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। राजस्थान के भगवानलाल की नवविवाहिता पत्नी पग फेरे के लिए मध्य प्रदेश आने के बाद धामनोद से नकदी और जेवरात से भरा बैग लेकर लापता हो गई। पीड़ित पक्ष ने धामनोद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन थाना क्षेत्राधिकार को लेकर समस्या आ रही है, जिससे अब तक प्रकरण दर्ज नहीं हो सका है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बिचौलियों ने भी टालमटोल की और पैसे मांगने पर झूठे मुकदमे की धमकी दी।
जीतू पटवारी के भाई नाना उर्फ कुलभूषण पटवारी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ड्रग्स केस में उलझे नाना पर पहले एक युवती ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। अब एक अन्य निवेशक संजय महाजन ने शुभम वैली टाउनशिप में 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पुलिस ने गुरुवार को पप्पू मंत्री से पूछताछ की थी और अब इस मामले में आरोपी सुमित मंत्री, नाना और भरत से भी पूछताछ की जाएगी।
इंदौर की राजेंद्र नगर पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में कॉलोनाइजर सुमित मंत्री से नौ घंटे पूछताछ की। सुमित, भरत पटवारी और नाना पटवारी के पार्टनर हैं। पूछताछ में सुमित ने डायरी पर सौदा करने और सबूत मिटाने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद उसने डायरियों को पानी में गलाकर नष्ट कर दिया। एक होटल में नाना के साथ बैठक में सुमित पटेल को झूठा बयान देने के लिए तैयार करने की साजिश रची गई थी। जोन-1 के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के अनुसार, पुलिस अब भरत पटवारी और नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ करेगी।
जबलपुर हाई कोर्ट ने धोखाधड़ी और जालसाजी के एक मामले में ट्रायल कोर्ट की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने अपीलकर्ता हर प्रसाद यादव की वृद्धावस्था को ध्यान में रखते हुए उनकी कारावास की सजा को घटाकर तीन वर्ष कर दिया। साथ ही, पीड़ितों को मुआवजा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जुर्माने की राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। यादव पर टीकमगढ़ में अपनी एक ही जमीन को दो बार बेचने का आरोप था, जिसे कोर्ट ने सुनियोजित धोखाधड़ी माना।
जबलपुर में 75 वर्षीय लल्लीबाई केवट ने अपनी बेटी, दामाद और एक परिचित पर 22 लाख रुपये व जेवर धोखाधड़ी से हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें बैंक लॉकर की फर्जी चाबी दी गई, जबकि उनके नाम से कोई लॉकर नहीं था। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है। वहीं, अनूपपुर में एक पति द्वारा अपनी पत्नी को बीच सड़क पर हेलमेट से पीटने का वीडियो सामने आया है। पीड़िता के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने आरोपित पति भूषण यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।