बुलंद सोच, छतरपुर।

छतरपुर जिले में लगातार तेज बारिश के बाद प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में प्रकृति और आस्था का एक अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। तीनों पहाड़ियों से उतरती जलधाराओं और गोमुख से निकल रहे पानी ने मंदिर परिसर का पूरा स्वरूप बदल दिया है।
गोमुख से तेज बहाव के साथ निकली जलधारा सीधे शिवलिंग पर गिर रही है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव का प्राकृतिक जलाभिषेक मान रहे हैं।
जटाशंकर धाम का बदला स्वरूप
बारिश के बाद जटाशंकर धाम की पहाड़ियां झरनों में तब्दील हो गई हैं। पहाड़ियों से उतरता पानी सीढ़ियों और मंदिर परिसर के आसपास से बहते हुए कुंडों तक पहुंच रहा है। मंदिर के तीनों कुंड भी पानी से लबालब हो गए हैं। चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ियों से गिरती जलधाराओं के बीच धाम का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
गोमुख से शिवलिंग पर गिरती जलधारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। भक्त इस दृश्य को भगवान शिव की प्राकृतिक पूजा मानकर दर्शन कर रहे हैं और इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। बारिश के कारण धाम में मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।
सुरक्षा संबंधी चेतावनी
लगातार बारिश के चलते मंदिर परिसर के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है। वहीं, पास की नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। सीढ़ियों पर पानी का तेज बहाव होने से फिसलन की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को नदी के किनारे और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश के बाद जटाशंकर धाम में पहाड़ियों से उतरती जलधाराएं, लबालब कुंड और गोमुख से शिवलिंग पर होता प्राकृतिक जलाभिषेक श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

