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2026-08-04

मुख्यमंत्री की जासूसी और हनीट्रैप साजिश में जैश सहयोगी हमीम का दूसरा साथी आदित्य सिंह गिरफ्तार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, हावड़ा।

पश्चिम बंगाल में एक बड़े आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने राज्य के बड़े नेताओं को ब्लैकमेल करने और अपहरण करने की तैयारी में जुटे इस जाल को ध्वस्त किया है।
पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के संदिग्ध सहयोगी हमीम मंडल के दूसरे सबसे करीबी मददगार आदित्य सिंह उर्फ राज को हावड़ा के बेलिलियस रोड स्थित उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया है।
इस आपराधिक साजिश में आदित्य सिंह उर्फ राज की भूमिका एक ‘लोकल खबरी’ और ‘जासूस’ की थी।
हावड़ा के बेलिलियस रोड निवासी आदित्य, भाजपा विधायक और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में राज्य मंत्री उमेश राय की लगातार रेकी कर रहा था।
वह मंत्री और उनके परिजनों की हर गतिविधि की जानकारी मुख्य आरोपी हमीम मंडल तक पहुंचाता था।
हाल ही में विधानसभा चुनाव के बाद मंत्री उमेश राय को मिले धमकी भरे कॉल के पीछे भी आदित्य सिंह का हाथ होने का खुलासा हुआ है।

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सिंडिकेट का खतरनाक मास्टरप्लान

इस गिरोह का मकसद बेहद खतरनाक था।
पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर यह सिंडिकेट बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों के बच्चों व रिश्तेदारों को सोशल मीडिया के माध्यम से अपने जाल में फंसाता था।
मॉडल और रील बनाने की शौकीन अर्पिता सरकार जैसी सहयोगियों के जरिए लक्ष्य बनाए गए लोगों को प्यार के जाल में फंसाकर (हनीट्रैप) ब्लैकमेल किया जाता था।
यदि ब्लैकमेलिंग सफल नहीं होती, तो अपहरण (किडनैपिंग) करके मोटी रकम वसूलने की पूरी योजना तैयार थी।

जांच और पाकिस्तान कनेक्शन

इस पूरे मामले की कड़ियां एक-एक करके सामने आईं।
एसटीएफ ने सबसे पहले मुख्य आरोपी हमीम मंडल को बर्धमान शहर से गिरफ्तार किया था।
उसी रात उसकी महिला सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ की हिरासत में दोनों से कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने आदित्य सिंह के बारे में जानकारी दी।
रविवार देर रात एसटीएफ की टीम ने हावड़ा में आदित्य के घर पर छापा मारा और रातभर चली लंबी पूछताछ के बाद सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांचकर्ताओं को मिले सबूतों से स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह केवल एक आपराधिक समूह नहीं, बल्कि पाकिस्तान संचालित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (एसबीएन) का एक डिजिटल और मैदानी मॉड्यूल था।
हमीम के पास से मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सुरक्षा घेरे और दौरों से जुड़े बेहद संवेदनशील दस्तावेज मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस अब आदित्य को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि गिरोह के अन्य सफेदपोश चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद की मौजूदगी पर सवाल

पश्चिम बंगाल में हालिया गिरफ्तारियों के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि क्या जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क राज्य में अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
एसटीएफ का दावा है कि हमीम मंडल और उसके सहयोगियों के तार पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल से मिले हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह कथित तौर पर रेकी, हनीट्रैप, ब्लैकमेल और अपहरण जैसी आपराधिक गतिविधियों के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के दायरे, विदेशी कनेक्शन तथा अन्य संदिग्ध सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।