बुलंद सोच, इंदौर।
मध्य प्रदेश के साथ ही इंदौर के बस ऑपरेटर 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। ऑपरेटरों ने नई परिवहन नीति को स्थगित करने और यात्री किराये में बढ़ोतरी की मांग की है। इसको लेकर संभागायुक्त और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपा गया है।
यदि ऑपरेटरों की मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो इंदौर से चलने वाली ग्यारह सौ से अधिक बसों के पहिये थम जाएंगे। इससे यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर दिखाई दे सकता है। इंदौर से प्रतिदिन चलने वाली बसों में यात्रा करने वाले 40 हजार से अधिक यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है।
प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश एवं मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के आव्हान पर 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की गई है।
किराया वृद्धि की मांग के कारण
बस ऑपरेटरों ने प्रदेश में लाई जा रही नई परिवहन नीति के विरोध के साथ ही बस किराया बढ़ाने की मांग शासन के सामने रखी है। प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा एवं इंदौर के जिला अध्यक्ष अजय सिंह चौहान ने बताया कि आखिरी बार बस किराया 2021 में बढ़ाया गया था। तब से 1.25 रुपये प्रति किमी ही किराया वसूला जा रहा है। उस समय डीजल 79 रुपये प्रति लीटर मिलता था, लेकिन अब डीजल 100 रुपये प्रति लीटर हो चुका है।
वहीं बस पार्ट्स, टायर, ऑयल और अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं। इसलिए ऑपरेटरों ने बसों का किराया बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किमी करने की मांग की है।
हड़ताल का संभावित असर और पूर्व की स्थिति
सावन में त्योहारों के कारण आमजन अधिक यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि बस ऑपरेटर और शासन के बीच में सहमति नहीं बनती है और हड़ताल होती है, तो लंबी दूरी और ग्रामीण मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। स्टेज कैरिज के साथ ही उपनगरीय बसें भी नहीं चलेंगी। मार्च में होली से पहले भी हड़ताल की घोषणा की गई थी, लेकिन तब सहमति बनने से हड़ताल टाल दी गई थी।
सरकार द्वारा किराया वृद्धि की तैयारी
मध्य प्रदेश में बस सफर महंगा होने की संभावना है, क्योंकि किराये में 20 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी है। इस संबंध में अधिसूचना इसी माह जारी होने की उम्मीद है।

