बेगमगंज में बस ऑपरेटरों द्वारा यात्री किराए में अचानक भारी वृद्धि किए जाने के खिलाफ ‘जेन-जी’ (जनरेशन ज़ेड) सड़कों पर उतर आई। मंगलवार को सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर एसडीएम प्रियंका भलावी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बस ऑपरेटरों द्वारा अचानक बढ़ाए गए किराए का विरोध किया। ज्ञापन में सागर का किराया 80 से 120 रुपये, भोपाल का 150 से 250 रुपये और सुल्तानगंज से बेगमगंज का 25 से 50 रुपये करने का उल्लेख किया गया। छात्रों ने कहा कि दोगुना किराया बढ़ने से गरीब छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है और उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने किराया समीक्षा और रियायती कार्ड की मांग की।
जबलपुर में महिला पुलिस अधिकारियों और शक्ति टास्क फोर्स ने गरिमा अभियान के तहत स्कूलों के आसपास मनचलों और संदिग्ध युवकों पर सघन कार्रवाई की। बिना हेलमेट और नंबर प्लेट वाले वाहनों की भी जांच की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने छात्राओं को निर्भय होकर आवागमन करने और छेड़छाड़ की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की। पुलिस ने तत्काल कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ने से जबलपुर में 5 किमी तक का न्यूनतम किराया 10 रुपये हो गया है।
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार के नए गजट नोटिफिकेशन के बाद जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बस किराया बढ़ गया है। अब सामान्य बसों में पहले पांच किलोमीटर तक का न्यूनतम किराया सात रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया है। पांच किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़कर दो रुपये कर दिया गया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा ने बताया कि सभी बस संचालकों को संशोधित किराया लागू करना होगा। नई दरों से हजारों यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी और संशोधित किराया सूची शीघ्र ही बस संचालकों को उपलब्ध कराई जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने सात साल बाद यात्री बसों का किराया बढ़ा दिया है, जिससे उज्जैन और आसपास के जिलों से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों लोग प्रभावित होंगे। परिवहन विभाग ने सामान्य बसों का अधिकतम किराया ₹2 प्रति यात्री प्रति किलोमीटर और न्यूनतम किराया ₹10 निर्धारित किया है। इस वृद्धि से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों का मासिक यात्रा बजट बढ़ेगा। बस संचालकों ने बढ़ती परिचालन लागत के कारण इसे आवश्यक बताया है। किराया वृद्धि के बाद 7 अगस्त से प्रस्तावित निजी बस संचालकों की हड़ताल टल गई है।
मध्य प्रदेश और इंदौर के बस ऑपरेटरों ने 8 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। उनकी मुख्य मांगें नई परिवहन नीति को स्थगित करना और यात्री किराये में वृद्धि करना है। ऑपरेटरों ने संभागायुक्त और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपा है। हड़ताल के कारण इंदौर से चलने वाली 1100 से अधिक बसें थम जाएंगी, जिससे प्रतिदिन 40 हजार से अधिक यात्रियों को परेशानी होगी। ऑपरेटर डीजल की कीमतों में वृद्धि और बस के पुर्जों के महंगे होने का हवाला देते हुए 2.50 रुपये प्रति किमी किराया करने की मांग कर रहे हैं। सरकार भी किराये में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी में है।
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन ने किराया वृद्धि की मांग को लेकर 26 जुलाई को सागर में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। लगातार आश्वासनों के बावजूद किराया संशोधित नहीं होने से संचालक नाराज हैं। बैठक में प्रदेश के 55 जिलों से प्रतिनिधि शामिल होंगे और किराया वृद्धि, राष्ट्रीयकरण स्कीम तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेंगे। डीजल, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्च बढ़ने से बस संचालन आर्थिक रूप से कठिन हो गया है। पड़ोसी राज्यों में किराया बढ़ चुका है, जिससे मध्य प्रदेश के संचालकों पर दबाव है। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन और प्रदेशव्यापी हड़ताल की रूपरेखा भी तय की जा सकती है।