बुलंद सोच, भोपाल।
राज्य के ऊर्जा विभाग ने कई वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए विभागीय पात्रता परीक्षा की योजना लागू की है। इस वर्ग के लिए लगभग 6,000 पद सुरक्षित किए गए हैं। संविदा कर्मचारी-अधिकारी महासंघ ने सरकार से मांग की है कि इसी तरह की नीति सभी विभागों में भी लागू की जाए और संविदाकर्मियों के लिए नियमितीकरण की नीति बनाई जाए।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि ऊर्जा विभाग ने विभागीय परीक्षा में जो प्रावधान किए हैं, उन्हें सभी विभागों में भी लागू किया जाए।
दस साल का अनुभव रखने वाले संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इस संबंध में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने एक बड़ा बयान दिया है।
योजना के अनुसार, प्रश्न पत्र 100 अंकों का होगा। इसमें उत्तीर्ण होने के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के संविदाकर्मियों को 40 प्रतिशत और सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। इसके अतिरिक्त, जितने वर्षों की सेवा की गई है, उतने वर्षों के अनुभव के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। महासंघ ने यह व्यवस्था भी सभी विभागों में लागू करने की मांग की है।

