प्रदेश के लगभग 12 लाख अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वर्ष 2019 से प्रस्तावित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना में आपातकालीन चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि को लेकर उलझन बनी हुई है। मूल प्रस्ताव पांच लाख रुपये की प्रतिपूर्ति का था, लेकिन अधिकारियों के बीच डेढ़ से दो लाख रुपये की सीमा रखने पर मतभेद हैं, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें पेंशनर भी शामिल हैं। हालांकि, परिवार चिकित्सा प्रतिपूर्ति और पेंशनरों के परिवार की परिभाषा जैसे कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।