भोपाल/गुना/शिवपुरी।
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में तबाही मचाई है।
पिछले दो महीनों में 205 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,400 से ज्यादा लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं।
इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद मैदान में उतरे और बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया।
उन्होंने ₹3,600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की, साथ ही तुरंत मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।
गंभीर हालात, कई जिले प्रभावित
भारी बारिश से ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नरसिंहपुर, विदिशा और आसपास के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
NDRF, SDRF और सेना की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हैं।
राज्य सरकार के मुताबिक, अब तक 2,900 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से कई को हवाई मार्ग से बचाया गया।
CM मोहन यादव का दौरा और घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने गुना जिले के पाटेल नगर, टेक्रि रोड और नई सिटी कॉलोनी सहित कई प्रभावित कॉलोनियों का निरीक्षण किया।
उनके साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।
CM ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया—
“सरकार हर स्थिति में आपके साथ है।
फसल, मकान, पशुधन और ऋण के नुकसान की भरपाई
सीधे DBT के माध्यम से की जाएगी।”
इसके अलावा, राहत शिविरों में भोजन, पीने का पानी, दवाइयां, कंबल और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
राहत पैकेज और तैयारी
| मद | विवरण |
|---|---|
| राहत पैकेज | ₹3,600 करोड़ |
| वितरित सहायता | ₹28.49 करोड़ |
| संवेदनशील क्षेत्र | 259 ज़ोन |
| तैनात QRT टीम | 111 |
| लाइव मॉनिटरिंग | डैम व जलस्तर का रीयल-टाइम ट्रैकिंग |
| बचाए गए लोग | 2,900+ (कई एयरलिफ्ट द्वारा) |
आपदा प्रबंधन और सतर्कता
CM ने State Disaster Command Centre, भोपाल में पहुंचकर राहत कार्यों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की।
उन्होंने कहा कि बाढ़ अलर्ट सिस्टम और लाइव डैम मॉनिटरिंग को और मज़बूत किया जाएगा।
इसके लिए संवेदनशील जोन में Quick Response Teams को चौबीसों घंटे तैनात रखा जाएगा।
जन सहयोग को सम्मान
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राहत कार्य में योगदान देने वाले
सामाजिक कार्यकर्ताओं, NGO और स्वयंसेवकों को 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।
इससे लोगों में आपदा के समय मदद करने की प्रेरणा मिलेगी।


