बुलंद सोच, ग्वालियर।

ग्वालियर में दो और वेंडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इन वेंडरों पर दूसरों के फिंगरप्रिंट, फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करके सिम कार्ड जारी करने और उन्हें साइबर ठगों को बेचने का आरोप है। ये एफआईआर हजीरा और हस्तिनापुर पुलिस थानों में दर्ज की गई हैं। एक वेंडर पर पहले भी मुरार और बिजौली में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, और यह इसी अभियान के तहत उस पर तीसरी एफआईआर है।
ऑपरेशन सॉफ्ट अभियान
‘ऑपरेशन सॉफ्ट’ अभियान के तहत ग्वालियर में अब तक कुल सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में और भी एफआईआर दर्ज होने की संभावना है।
मंजेश जाटव का मामला
हजीरा निवासी मंजेश जाटव ने चार लोगों को सिम पोर्ट कराने पर दो महीने का मुफ्त रिचार्ज देने का झांसा दिया। उन्होंने इन व्यक्तियों के आधार कार्ड, फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर प्राप्त किए और उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कर दिए। इन सिमों को ठगों को बेच दिया गया, जिनका उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी के लिए किया गया।
संदीप राजावत का मामला
हस्तिनापुर थाने में डीडी नगर निवासी संदीप राजावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर हस्तिनापुर के 13 निवासियों के नाम से सिम जारी करने का आरोप है। इन सभी सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर ठगी की वारदातों में किया गया था। संदीप राजावत पर पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।

