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2026-10-17

मध्यप्रदेश में बच्चों के यौन शोषण कंटेंट देखने में इंदौर सबसे आगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

अमेरिका की संस्था एनसीएमईसी से भारत को 69 लाख से अधिक साइबर टिपलाइन प्राप्त हुईं, जिनमें से 1% से भी कम मामलों में चार्जशीट दायर हो पाई थी। मध्यप्रदेश में बच्चों के यौन शोषण से संबंधित कंटेंट देखने वाले जिलों में इंदौर सबसे आगे है। राज्य साइबर सेल को 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 के बीच महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों की कुल 2600 साइबर टिपलाइन प्राप्त हुईं। इन टिपलाइनों में से लगभग 450 इंदौर से और 400 भोपाल से संबंधित थीं। इसके बाद ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और उज्जैन जैसे जिले रहे। भोपाल में ऐसे मामलों में छह एफआईआर दर्ज की गई हैं।

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जांच का दायरा और रिपोर्टिंग व्यवस्था

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टिपलाइनों के आधार पर मध्यप्रदेश में हुई कार्रवाई की डिजिटल कड़ियों को ट्रेस करने पर सामने आया कि अमेरिका की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच इंदौर, देवास, धार और रतलाम के ग्रामीण इलाकों तक पहुंची। इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि यह गतिविधि केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। 10 मामलों की टिपलाइन और पुलिस रिकॉर्ड ट्रेस करने पर इंदौर, देवास, धार, रतलाम सहित ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े उपयोगकर्ता और आरोपी सामने आए। पड़ताल में यह भी सामने आया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म से रिपोर्टिंग व्यवस्था के माध्यम से सूचना एनसीएमईसी साइबरटिपलाइन तक पहुंचती है।

मामलों के उदाहरण

दिसंबर 2025 में राज्य साइबर सेल, इंदौर को जांच के लिए 14 साइबर टिपलाइन प्राप्त हुईं। तकनीकी जांच में इन सभी 14 रिपोर्टों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल सामने आया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य विश्लेषण से घटना के समय मोबाइल की लोकेशन देवास क्षेत्र में मिली। इसी नंबर से संचालित अकाउंट से अलग-अलग अकाउंट और ऑनलाइन माध्यमों पर सामग्री साझा किए जाने का विवरण भी प्राप्त हुआ। खातेगांव क्षेत्र के एक अन्य मामले में मोबाइल पश्चिम बंगाल में पंजीकृत पाया गया, लेकिन तकनीकी ट्रेसिंग से उसका इस्तेमाल संदलपुर, तहसील खातेगांव में सामने आया। पुलिस जांच में एक एनजीओ के छात्रावास में काम करने वाले दो व्यक्ति सामने आए, जिन्हें अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया गया और उनके मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, वीडियो डिलीट हो चुके थे, लेकिन यूजर आईडी और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड जांच में उपलब्ध हुए।

राज्य साइबर सेल का बयान

राज्य साइबर सेल के एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि डिजिटल निशान जांच की दिशा तय कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी एक संकेत के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाती, बल्कि सभी जानकारियों को जोड़कर उनका सत्यापन किया जाता है।

साइबर टिपलाइन क्या है?

साइबर टिपलाइन एक ऑनलाइन शिकायत मंच है, जो सूचना देने की गुप्त व्यवस्था प्रदान करता है। इसके माध्यम से आम लोग इंटरनेट पर होने वाले अपराधों, विशेषकर बच्चों के ऑनलाइन शोषण या बाल अश्लीलता की गुप्त रूप से रिपोर्ट कर सकते हैं।