बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर के गोपाल मंदिर क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ हुई मारपीट और कथित तौर पर चाकू-कट्टे से धमकाने के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। गोपाल मंदिर शॉपिंग हेरिटेज की कुल 212 दुकानें बंद रखकर व्यापारियों ने अपना विरोध जताया। इस दौरान व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। व्यापारियों ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और इस संबंध में विधायक गोलू शुक्ला से भी शिकायत की।
यह मामला सराफा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोपाल मंदिर के समीप फुटपाथ पर दुकान लगाने को लेकर हुए विवाद से संबंधित है। व्यापारी नितेश चौरसिया के आरोप के अनुसार, विवाद के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें चाकू-कट्टे से धमकाया। नितेश चौरसिया ने थाने पहुंचकर इस घटना की शिकायत दर्ज कराई थी।
व्यापारियों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में कई घंटे का समय लगा दिया। उनका यह भी कहना है कि इस घटना में शामिल चार बदमाशों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इसी मुद्दे पर व्यापारियों ने सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) से शिकायत की और पुलिस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया।
इसके बाद व्यापारी विधायक गोलू शुक्ला से मिले और उन्हें पूरी घटना से अवगत कराया। विधायक गोलू शुक्ला ने एसीपी से फोन पर बात कर आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई और 24 घंटे के भीतर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की। इसके उपरांत, व्यापारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार नारेबाजी की और पुलिस अधिकारियों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा त्वरित कार्रवाई करने की मांग की।
राजवाड़ा क्षेत्र में 'ठीया माफिया' का आतंक
इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में दुकानदारों और फुटपाथ पर कारोबार करने वालों के बीच विवाद का कारण केवल जगह नहीं, बल्कि फुटपाथ पर ‘ठीयों’ (स्थानों) का अवैध कारोबार बताया जा रहा है। आरोप है कि वीनू, छंगा और अयाज नामक व्यक्ति फुटपाथ पर बैठने के लिए ये ‘ठीये’ उपलब्ध कराते हैं। यह बात सामने आई है कि एक ही व्यक्ति के पास 20 से 40 ‘ठीये’ तक हो सकते हैं।
इन ‘ठीयों’ की कीमत जगह और दिन के अनुसार निर्धारित की जाती है। आरोप के अनुसार, एक ‘ठीया’ 300 रुपये से लेकर 1400 रुपये तक में बेचा जाता है। शनिवार और रविवार को भीड़ तथा ग्राहकी बढ़ने के साथ ‘ठीयों’ की मांग भी बढ़ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप इनकी कीमतें मनमाने ढंग से तय होने का आरोप है।
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप नगर निगम के कुछ कर्मचारियों के साथ सांठगांठ का है। व्यापारियों का आरोप है कि निगमकर्मियों की उपस्थिति या उनकी जानकारी में ‘ठीये’ बांटे जाते हैं और फिर फुटपाथ की जगह मनमाने दामों पर दी जाती है। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि फुटपाथ सार्वजनिक संपत्ति है, लेकिन इस पर ‘माफिया’ का कब्जा हो गया है।
व्यापारियों ने ‘ठीया माफिया’ के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने निगम प्रशासन से इस गैर-कानूनी धंधे में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपेक्षा भी की। पुलिस और निगम अधिकारियों ने इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में कलेक्टर के निर्देश
जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक के दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पात्र महिलाओं के प्रकरणों में अनावश्यक दस्तावेज न मांगने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने जोर दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बैंकों से यह भी कहा कि ऋण और अन्य योजनाओं के आवेदनों में केवल आवश्यक दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएं, जिससे महिलाएं बिना किसी बाधा के अपना कार्य पूरा कर सकें।
उज्जैन सिंहस्थ में साइबर सुरक्षा
उज्जैन सिंहस्थ के दौरान 1884 छात्र श्रद्धालुओं को साइबर ठगों से बचाने का कार्य करेंगे। इसके लिए 33 कॉलेजों के युवाओं को साइबर सुरक्षा की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
भागीरथपुरा हादसा: प्रशासन का सक्रियता
भागीरथपुरा हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। इस संबंध में 24 करोड़ रुपये की लागत से 66 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 21 परियोजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया गया है।

