बुलंद सोच, इंदौर।
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं ने ‘Gen Z प्रोटेस्ट 2.0’ नामक अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर जारी है, जिसे स्थानीय समाजसेवियों का भी समर्थन प्राप्त है।
देश भर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में अब इंदौर भी शामिल हो गया है। सोमवार को शहर के प्रमुख टंट्या भील चौराहे पर स्थित प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में युवा एकजुट हुए और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया।
प्रदर्शनकारी देर रात तक चौराहे पर डटे रहे और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग में लगातार नारेबाजी करते रहे।
आंदोलन का स्वरूप और संदेश
इस आंदोलन को युवाओं ने ‘Gen Z प्रोटेस्ट 2.0’ का नाम दिया है। टंट्या भील प्रतिमा स्थल पर एकत्रित हुए युवा अपने हाथों में भारत का संविधान और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरें लिए हुए दिखाई दिए।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में विभिन्न प्रकार की तख्तियां भी थीं, जिन पर तीखे संदेश लिखे हुए थे। इनमें से एक तख्ती पर ‘ग्यानू, पैक योर बैग्स ब्रो’ लिखा था, जबकि अन्य तख्तियों पर भी इसी तरह के कठोर संदेश अंकित थे।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन एक दिवसीय सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि यह अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा। युवाओं का कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह प्रदर्शन लगातार चलता रहेगा।
यह भी बताया गया है कि इस विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा काफी समय से सोशल मीडिया पर तैयार की जा रही थी और युवाओं से इसमें शामिल होने की अपील की जा रही थी।
स्थानीय समर्थन और राष्ट्रव्यापी प्रभाव
प्रदर्शनकारी योगित गुप्ता ने जानकारी दी कि इस अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज हो चुका है और मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटा जाएगा। इस बीच, पूर्व में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर और विधायक गोलू शुक्ला के खिलाफ रीगल चौराहे पर प्रदर्शन कर चुके समाजसेवी प्रहलाद पांडे भी युवाओं को समर्थन देने टंट्या भील चौराहे पहुंचे।
प्रहलाद पांडे के पहुंचने से आंदोलन को स्थानीय स्तर पर एक नया बल मिलने का दावा किया जा रहा है। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई अन्य शहरों, जैसे मुंबई, में भी बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं, जबकि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

