दतिया विधानसभा उपचुनाव में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह ने ग्वालियर रेंज के डीआईजी असित यादव और जिला पंचायत दतिया के सीईओ अक्षय तेम्रवाल पर चुनाव प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक ने कहा कि डीआईजी यादव को चुनाव के दौरान विशेष व्यवस्था करने की खुली छूट दी गई थी और 15-20 बूथों पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। हालांकि, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और एसपी मयूर खंडेलवाल ने निष्पक्षता से चुनाव कराया और अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी। विधायक ने नए थाना प्रभारियों और टीआई पर भाजपा प्रत्याशी के समर्थक होने का भी आरोप लगाया।
हाई कोर्ट ने सुरखी (सागर) से भाजपा विधायक व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजपूत ने नामांकन के साथ प्रस्तुत शपथपत्र में अपनी और अपनी पत्नी की संपत्तियों की जानकारी छिपाई थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद संपत्ति छिपाने के आरोपों की समीक्षा का वैधानिक अधिकार निर्वाचन आयोग के पास नहीं रहता।
दतिया उपचुनाव की मतगणना से पहले कांग्रेस से निष्कासित पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कई राजनीतिक दावे किए। उन्होंने नवनिर्वाचित विधायक घनश्याम सिंह पर भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा के “रिमोट कंट्रोल” पर काम करने का आरोप लगाया। भारती ने यह भी दावा किया कि उन्हें घनश्याम सिंह की विधानसभा सदस्यता बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से स्टे दिलाने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। भारती ने अपने निष्कासन को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया और कहा कि यह फैसला दबाव में लिया गया।
दतिया विधानसभा उपचुनाव का परिणाम आज घोषित होगा, जो भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार, पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की साख और कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें इस चुनाव से जुड़ी हैं। 30 जुलाई को 71.42% मतदान हुआ, जो 2023 चुनाव से 8.86% कम था, जिसमें 19,528 मतदाताओं ने भाग नहीं लिया। महिला मतदाताओं की भागीदारी में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कम मतदान और विभिन्न रुझानों के कारण जीत-हार का अंतर कम रहेगा। सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं।
भारत निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना और ओडिशा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का नया कार्यक्रम जारी किया है। तेलंगाना में यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2026 को आधार तारीख मानकर की जाएगी, जिसमें मसौदा सूची 17 अगस्त 2026 को जारी होगी और दावे-आपत्तियां 16 सितंबर 2026 तक दर्ज की जा सकेंगी। ओडिशा में 1 जुलाई 2026 को आधार तारीख माना गया है, जहां दावे-आपत्तियां 19 अगस्त 2026 तक स्वीकार की जाएंगी और अंतिम मतदाता सूची 21 सितंबर 2026 को जारी होगी। आयोग ने दोनों राज्यों के अधिकारियों को संशोधित कार्यक्रम का प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को दोपहर तीन बजे तक कुल 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में 67 से 70 प्रतिशत, जबकि शहरी क्षेत्रों में 55 प्रतिशत वोट पड़े। उपरायं में 69% और एरई में 66% मतदान हुआ। दोपहर बाद हुई बारिश के बावजूद मतदाताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, प्रत्येक केंद्र पर सीआरपीएफ तैनात थी। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की जीत का दावा किया, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपनी जीत का भरोसा जताया।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। कुल 2,20,344 मतदाता 21 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। बीजेपी के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मुख्य मुकाबला है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के कारण यह उपचुनाव हो रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, और निर्दलीय प्रत्याशी कन्छेदीलाल कुशवाह ने बीजेपी को समर्थन दिया है।
तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर पार्टी से जुड़ी एक जांच को तुरंत समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने आयोग के सचिव अश्विनी कुमार मोहाल को भेजे पत्र में कहा है कि विरोधी पक्ष ऋतब्रत बनर्जी को अब और समय न दिया जाए। बनर्जी ने आरोप लगाया कि ऋतब्रत को बार-बार अतिरिक्त समय देने से जांच में देरी हो रही है। उन्होंने 25 जुलाई की समयसीमा के बाद भी जानकारी न मिलने पर चिंता जताई और कहा कि इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर जनता का भरोसा डगमगा सकता है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान सुबह सात बजे से शुरू हो गया है, जिसमें दो लाख 20 हजार 410 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह प्रमुख हैं। चुनाव परिणाम 3 अगस्त को घोषित किए जाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें 12 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट और अर्द्धसैनिक बलों की 16 कंपनियां तैनात हैं। लगभग 1280 मतदान कर्मी और 215 माइक्रो ऑब्जर्वर प्रक्रिया को संपन्न करा रहे हैं।
दतिया विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-22 के उपचुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने हेतु कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने एक अहम आदेश जारी किया है। इसके तहत दतिया विधानसभा क्षेत्र से लगे ग्वालियर जिले के 3 किलोमीटर सीमावर्ती क्षेत्र में सभी शराब दुकानें 28 जुलाई 2026 को शाम 6 बजे से 30 जुलाई 2026 को मतदान समाप्त होने तक बंद रहेंगी। यह अवधि शुष्क दिवस (Dry Day) घोषित की गई है, जिसमें शराब का क्रय-विक्रय, परिवहन, भंडारण एवं अवैध बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। संबंधित विभागों को कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।