बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर के गढ़ा थाना के सामने एक महिला के हाई वोल्टेज ड्रामे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने बीच सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोकते हुए काफी देर तक हंगामा किया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटनाक्रम गढ़ा थाने के ठीक सामने हुआ, लेकिन इस दौरान पुलिस की सक्रियता नजर नहीं आई। यातायात पुलिस भी मौके पर मौजूद नहीं थी।
हादसे की आशंका और पुलिस की जानकारी पर सवाल
ऐसे में यह सवाल उठता है कि जब थाने के ठीक सामने सड़क पर वाहन रोके जा रहे थे और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, तो पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला सड़क के बीच खड़ी रही और तेज रफ्तार से आने वाले वाहनों को रोकती रही। अचानक वाहनों के रुकने से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रही।
पुलिस की मुस्तैदी और दोहरे मापदंड पर प्रश्न
लोगों ने सवाल उठाया कि यदि यही स्थिति किसी आम व्यक्ति या छोटे वाहन चालक की वजह से होती, तो पुलिस तुरंत कार्रवाई करती। लेकिन थाने के सामने घंटों तक सड़क प्रभावित होने के बावजूद पुलिस की सक्रियता क्यों नहीं दिखाई दी। घंटों तक ऐसी स्थिति बनी रहना पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठाता है।
महिला की पहचान अज्ञात
महिला के इस हंगामे के पीछे की वजह और उसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और महिला से पूछताछ के बाद ही सामने आ सकती है।
पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटनाक्रम ने गढ़ा थाना पुलिस की निगरानी व्यवस्था और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
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