मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश पुलिस के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27,534 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 अगस्त को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इसकी जानकारी दी। इस फैसले से पुलिसकर्मियों की लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति की प्रतीक्षा समाप्त हुई है और नई पुलिस भर्तियों का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 अगस्त को ‘आभार एवं सम्मान समारोह’ में इसकी घोषणा करते हुए पुलिसकर्मियों के त्याग और समर्पण की सराहना की थी।
हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर पुलिस के सिपाही हीरालाल यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए विभाग द्वारा 16 साल बाद जारी वेतन वसूली आदेश को निरस्त कर दिया है। विभाग ने वेतन निर्धारण में गलती बताकर अधिक भुगतान की राशि वसूलने का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने कहा कि वसूली से पूर्व कर्मचारी को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई राशि वसूल की गई है, तो उसे वापस किया जाए। याचिकाकर्ता को 1998 में बर्खास्त किया गया था और 2005 में बहाल किया गया था।
दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए 14 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इन अधिकारियों में थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक और प्रधान आरक्षक शामिल हैं। निष्पक्ष कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है, जिसमें लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यवाहक उप निरीक्षक पदोन्नति सूची में दिवंगत पुलिसकर्मी राकेश सिंह बघेल का नाम शामिल होने से विभागीय लापरवाही उजागर हुई है। पिछले वर्ष बीमारी के कारण निधन के बावजूद उनका नाम सूची में होने से रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं। इस सूची में 2035 पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक उप निरीक्षक (एएसआई से कार्यवाहक एसआई) के पद पर पदोन्नति दी गई थी। इस प्रशासनिक चूक के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड सत्यापन प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।