इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने रेडिसन चौराहे पर यातायात जाम से राहत के लिए फ्लाईओवर निर्माण का फिजिबिलिटी अध्ययन पूरा कर लिया है। अध्ययन में एमआर-10 के समानांतर रेडिसन होटल की ओर चार लेन फ्लाईओवर को सबसे उपयुक्त पाया गया है। इस चौराहे से प्रतिदिन 1.78 लाख वाहन गुजरते हैं और भविष्य में यातायात में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। अन्य विकल्पों में मेट्रो लाइन और सीवर पाइपलाइन जैसी बाधाएं थीं। अंतिम निर्णय सड़क सुरक्षा समिति लेगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने अमलाई और बुढ़ार के बीच रोड ओवरब्रिज-66 के रेलवे हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया है। इसमें अत्याधुनिक 1000 टन क्रॉलर क्रेन की मदद से 500 टन वजनी स्टील गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। यह कार्य 3 घंटे के विशेष ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक में ‘गति शक्ति यूनिट, बिलासपुर’ के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अक्टूबर 2024 में शुरू हुए इस हिस्से का निर्माण एक बड़ी उपलब्धि है। अगले 2 महीनों में कंक्रीट स्लैब और सड़क निर्माण तथा 3 महीनों में ओवरब्रिज के आम जनता के लिए खुलने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा।
इंदौर के लवकुश चौराहा स्थित डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा बुधवार को ट्रायल के तौर पर खोली जाएगी। इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) उज्जैन रोड से मरीमाता की ओर जाने वाली इस भुजा को शुरू करेगा, जिससे हजारों वाहन चालकों को लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। आइडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, मेट्रो अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद दोपहर बाद आवागमन शुरू होगा। दूसरी भुजा का कार्य 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है, जो बाणगंगा से अरविंदो अस्पताल की तरफ जाती है।