बुलंद सोच, विदिशा।

विदिशा जिले से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कागपुर के तालाब को अब पक्षियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में भी जाना जाएगा। राज्य सरकार ने कागपुर तालाब और आसपास के 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को कागपुर पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित कर दिया है। मध्यप्रदेश राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी की गई है। इस घोषणा से लंबे समय से पक्षियों की मौजूदगी के कारण पहचान बना चुके इस क्षेत्र को अब सरकारी स्तर पर संरक्षण प्राप्त होगा।
तालाब की भौगोलिक स्थिति और पक्षी
कागपुर गांव का यह तालाब दो नदियों के बीच स्थित है। तालाब में सालभर पानी और आसपास का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। वन विभाग के शुरुआती सर्वेक्षण में यहां बड़ी संख्या में पक्षी पाए गए हैं। इनमें बगुला, ब्लैक आइबिस, रामचिरैया और नीलकंठ प्रमुख प्रजातियाँ हैं। पक्षियों की लगातार उपस्थिति को देखते हुए इस क्षेत्र को सुरक्षित रखने की आवश्यकता महसूस की गई थी। सरकार की अधिसूचना के बाद कागपुर तालाब के आसपास का निर्धारित क्षेत्र पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए सुरक्षित रहेगा।
निर्धारित क्षेत्र और सीमाएं
राजपत्र में इस संरक्षण रिजर्व की सीमाएं भी तय की गई हैं। इसमें कागपुर गांव के खसरा नंबर 125 और 126 सहित आसपास की कुछ जमीन शामिल है। इस पूरे क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर यानी 53.5 हेक्टेयर है।
मुख्यमंत्री की घोषणा का क्रियान्वयन
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह कागपुर के ही निवासी हैं। पिछले साल 21 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हीं के आमंत्रण पर कागपुर गांव पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उसी समय कागपुर को पक्षियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र बनाने की घोषणा की थी। नौ माह बाद अब सरकार ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर इस घोषणा को अमल में ला दिया है। इससे कागपुर तालाब क्षेत्र में पक्षियों को संरक्षण मिलने के साथ ही भविष्य में इसे देखने और प्रकृति से जुड़ने के लिए विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
भोपाल के बड़े तालाब में लापरवाही
भोपाल के बड़े तालाब से जलकुंभी हटाने में लापरवाही सामने आई है। मशीनों के इस्तेमाल से पक्षियों के घोंसले, कछुए और मछलियों पर संकट उत्पन्न हो गया है।

