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विदिशा के कागपुर तालाब को पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित किया गया

विदिशा जिले के कागपुर स्थित तालाब और उसके आसपास के 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को कागपुर पक्षी संरक्षण रिजर्व घोषित कर दिया गया है। मध्यप्रदेश राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद यह क्षेत्र अब पक्षियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में जाना जाएगा। वन विभाग के सर्वे में यहां बगुला, ब्लैक आइबिस, रामचिरैया और नीलकंठ जैसे कई पक्षी पाए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पिछले साल 21 नवंबर को इसकी घोषणा की थी, जिसे नौ माह बाद अब सरकारी दर्जा मिल गया है।

विदिशा में इंडियन ऑयल लगाएगा सीबीजी प्लांट, पराली से किसानों की होगी अतिरिक्त आय

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल) विदिशा जिले में कंप्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित कर रहा है। यह प्लांट मक्का, धान, गेहूं सहित अन्य फसलों के अवशेषों का उपयोग कर किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करेगा। वर्तमान में किसान इन अवशेषों को जला देते हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है। इस पहल से नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने प्लांट स्थापना की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए 15-20 एकड़ सरकारी जमीन की तलाश की जा रही है।

इंदौर में 3.05 करोड़ रुपये की लागत से शहर का पहला पशु शवदाह गृह तैयार

इंदौर में 3.05 करोड़ रुपये की लागत से ट्रेंचिंग ग्राउंड में शहर का पहला पशु शवदाह गृह तैयार किया जा रहा है, जिसके अगले एक महीने में चालू होने की संभावना है। यह परियोजना मृत पशुओं का सम्मानजनक और वैज्ञानिक तरीके से अंतिम संस्कार सुनिश्चित करेगी। साथ ही, यह शहर के मीट और मटन बाजारों से निकलने वाले जैविक कचरे के स्थायी निस्तारण की समस्या का भी समाधान करेगी। नगर निगम ने इसका बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जबकि एक निजी एजेंसी इसके दैनिक संचालन और प्रबंधन का जिम्मा संभालेगी।

डच सीईओ ने अजनार नदी सफाईकर्मी बिट्टू तबाही को नौकरी की पेशकश की

ब्यावरा के 21 वर्षीय बिट्टू तबाही को अजनार नदी की सफाई के उनके असाधारण प्रयासों के लिए नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था ‘द ओशन क्लीनअप’ के सीईओ बोयान स्लाट ने अपनी संस्था में काम करने का प्रस्ताव दिया है। बीएससी के छात्र बिट्टू ने 26 जनवरी 2026 को यह अभियान शुरू किया था, जिसमें उन्हें गंभीर त्वचा संक्रमण का भी सामना करना पड़ा। उनके समर्पण को उद्योगपति आनंद महिंद्रा, क्रिकेटर केविन पीटरसन और मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई प्रमुख हस्तियों ने सराहा है। उन्होंने दोस्तों के साथ मिलकर ₹30,000 खर्च कर सफाई के औजार और जेसीबी मशीन का इंतजाम किया था।

अजनार नदी की सफाई के दावे पर विवाद, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने छात्र के दावे को नकारा

ब्यावरा की अजनार नदी की सफाई को लेकर एक विवाद सामने आया है। छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ ‘बिट्टू तबाही’ ने छह महीने में अकेले नदी साफ करने का दावा किया है, जिसकी रील इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। हालांकि, स्थानीय लोग और प्रशासन के अधिकारी इस दावे को फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि नदी में अभी भी गंदगी बरकरार है और केवल सरकार के प्रयासों से ही इसकी सफाई संभव है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 14.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में ग्वालियर दो पायदान लुढ़का, 30वें स्थान पर

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में ग्वालियर दो पायदान लुढ़ककर 30वें स्थान पर आ गया है, जिसे 157 अंक मिले हैं। पिछले वर्ष शहर 28वें स्थान पर था। प्रदूषण के दिनों की संख्या अधिक होने और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार न होने को गिरावट का मुख्य कारण बताया गया है, खासकर जर्जर सड़कों से उड़ती धूल के कारण। 100 करोड़ रुपये से अधिक के प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के बावजूद यह गिरावट हुई है, जिससे नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत मिलने वाले अनुदान में भी नुकसान की संभावना है।

मध्य प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक बसें संचालित होंगी

मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ के अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही 180 से अधिक बस स्टैंड का कायाकल्प होगा। 11-12 सितंबर को इंदौर में होने वाली समिट में परिवहन व्यवस्था पर मंथन होगा, जिसमें स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर दिया जाएगा। बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए उन्हें सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।

भोपाल मेट्रो कॉरिडोर पर टीडीआर लागू करने की कवायद पर विवाद

भोपाल मेट्रो रेल कॉरिडोर पर ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) लागू करने की सरकारी कवायद पर संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति ने विरोध दर्ज कराया है। समिति ने इस प्रस्ताव की वैधानिकता, पारदर्शिता और औचित्य पर सवाल उठाए हैं। उनके प्रतिनिधियों ने विभाग से विस्तृत नक्शा और प्रभावित खसरा नंबर सार्वजनिक करने की मांग की है। समिति ने कहा कि मास्टर प्लान-2005 में इस बड़े बदलाव से शहर के बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और यातायात पर दबाव पड़ेगा। उन्होंने 2005 के प्लान में संशोधन को निरस्त कर आगामी मास्टर प्लान-2047 में सार्वजनिक परामर्श के बाद शामिल करने की मांग की है।

शहडोल में अवैध रेत खनन पर एसपी सख्त, सूनसान इलाके में मिला बड़ा डंप

शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। वन विभाग से रेत भरे वाहन को छुड़ाए जाने की घटना के बाद नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एसपी ने स्वयं संभावित रेत खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहां अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस निरीक्षण के दौरान, एक सूनसान इलाके में रेत का एक बड़ा डंप भी पाया गया, जो जिले में अवैध खनन की गंभीरता को दर्शाता है।

भोपाल में दो बड़े मामलों पर आज सुनवाई

भोपाल में मंगलवार को दो महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई निर्धारित है। सुप्रीम कोर्ट में रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े 62,500 प्रतिष्ठानों के मामले में नगर निगम की कार्रवाई रिपोर्ट और रहवासियों की आपत्तियों पर सुनवाई होगी। नगर निगम ने 5 अगस्त के आदेश के बाद 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए और 190 को बंद किया, लेकिन व्यापारियों के विरोध के बाद कार्रवाई रुक गई। वहीं, एनजीटी में बड़ा तालाब-कलियासोत डैम के एफटीएल क्षेत्र में पांच दिवसीय सर्वे की रिपोर्ट पेश होगी। सर्वे में एफटीएल के भीतर निर्माण और अतिक्रमण पाए गए हैं, जिन पर एनजीटी के निर्देश अपेक्षित हैं।