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राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी में रेत माफिया पर नकेल कसने को वन विभाग का बड़ा एक्शन प्लान

राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी में अवैध रेत खनन पर नकेल कसने के लिए वन विभाग ने एक बड़ा एक्शन प्लान लागू किया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मुरैना में 16 स्मार्ट चेकपोस्ट बनेंगे, ड्रोन से निगरानी होगी और 300 जवान तैनात किए जाएंगे। 12 जिलों से 34 अनुभवी वनरक्षकों को मुरैना स्थानांतरित किया गया है, जो स्थानीय भूगोल और माफिया नेटवर्क से परिचित हैं। इन वनकर्मियों को ड्यूटी के दौरान बंदूक चलाने का अधिकार और बिना मजिस्ट्रियल जांच के सीधी एफआईआर व गिरफ्तारी से छूट जैसे कानूनी कवच भी प्रदान किए गए हैं।

कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता श्योपुर के शंकरपुर गांव पहुंचा

कूनो नेशनल पार्क से निकला एक चीता शनिवार को श्योपुर के मानपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव के पास रिहायशी इलाके में पहुंच गया। उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने दूर से दीदार का आनंद लिया और वीडियो बनाए। चीता ट्रैकिंग टीम ने लोगों को शोर न करने की सलाह दी। ग्रामीणों ने चीते को देखकर खुशी व्यक्त की, लेकिन बच्चों और मवेशियों को लेकर चिंता भी जताई। दिन भर पेड़ों की छांव में रहने के बाद, चीता अब चंबल नदी की ओर बढ़ रहा है। ट्रैकिंग टीम उस पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि पहले भी चीते चंबल पार कर राजस्थान पहुंच चुके हैं।

वन अधिकारियों की सुरक्षा और शिकारियों के डेटा पर हाईकोर्ट गंभीर, केंद्र से जवाब तलब

जबलपुर हाईकोर्ट ने वन अधिकारियों की सुरक्षा और वन क्षेत्रों में सक्रिय शिकारियों के मोबाइल डेटा की अनुपलब्धता के मुद्दे पर गंभीरता दिखाई है। जस्टिस आनंद पाठक और बी.पी. शर्मा की युगलपीठ ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट मित्र ने बताया कि वन अधिकारियों को हथियार उपयोग करने पर पाबंदियों के कारण वे डरते हैं। कोर्ट ने धार में बाओबाब पेड़ों की कटाई पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई का आदेश दिया, तथा राज्य जैव विविधता बोर्ड से रिपोर्ट मांगी। खंडवा में वन कर्मचारियों पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया, जहां लगभग 40 कर्मचारी घायल हुए थे।

भोपाल के अकबरपुर बाघ भ्रमण क्षेत्र में अवैध खुदाई पर NGT सख्त

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की भोपाल सेंट्रल जोन बेंच ने कोलार रोड स्थित अकबरपुर बाघ भ्रमण क्षेत्र में अवैध खुदाई, पहाड़ी कटान और पेड़ों की कटाई के मामले में सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने नवदुनिया में प्रकाशित एक समाचार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए और मध्यप्रदेश शासन, भोपाल कलेक्टर, नगर निगम, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि सरकारी भूमि पर मशीनों से खुदाई कर पहाड़ी को समतल किया जा रहा था, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। एक दो सदस्यीय समिति को छह सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

भोपाल के कलियासोत डैम वेटलैंड में ‘मड रैली’ पर विवाद, एनजीटी 2020 में लगा चुका है प्रतिबंध

भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड एरिया में रविवार को हुई ‘मड रैली’ पर विवाद खड़ा हो गया है। पर्यावरणविदों ने इसे जलीय जीव-जंतुओं और वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बताते हुए आयोजकों पर एफआईआर की मांग की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जनवरी 2020 में भोपाल सहित देशभर के वेटलैंड्स में ऐसी रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। घटना के दौरान 50 से अधिक गाड़ियां टकराईं और कुछ लोग घायल हुए, बावजूद इसके पुलिस व जिला प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी। टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा ने जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

खंडवा: पंधाना में पिंजरे में फंसा तेंदुआ, तीन माह से ग्रामीण थे दहशत में

खंडवा के पंधाना क्षेत्र में वन विभाग ने तीन माह से ग्रामीणों में दहशत फैला रहे एक तेंदुए को पिंजरे में फंसाया है। रविवार सुबह जामली बीट के कंपार्टमेंट नंबर 711 में रखे पिंजरे में तेंदुआ मिला, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। विभाग पिछले चार दिनों से तेंदुए को पकड़ने का प्रयास कर रहा था। शनिवार को एक बड़े पिंजरे में मुर्गे का चारा रखकर उसे आकर्षित किया गया, जिससे तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। बाद में तेंदुए को कंपार्टमेंट नंबर 718, इटारिया के पास दीवाल बीट में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।

मध्य प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर 2026 में हिरण-नीलगाय पकड़ने का अभियान फिर चलेगा

मध्य प्रदेश सरकार सितंबर-अक्टूबर 2026 में हिरण और नीलगायों को पकड़ने के लिए एक नया रेस्क्यू अभियान चलाएगी। यह घोषणा विधानसभा में हुई, जहाँ राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के प्रश्न का उत्तर दिया। शाजापुर जिले में वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान के बाद, 2025 में दक्षिण अफ्रीका की बोमा तकनीक का उपयोग कर एक पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था, जिसमें 913 वन्यजीवों को पकड़ा गया था। आगामी अभियान का उद्देश्य किसानों को राहत पहुँचाना और वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करना है।

देवास की शंकरगढ़ पहाड़ी पर 7 साल बाद दिखी जंगली बिल्ली

देवास की शंकरगढ़ पहाड़ी पर 7 वर्षों के प्रयासों के बाद एक जंगली बिल्ली देखी गई है, जो पर्यावरण सुधार का प्रतीक है। कभी अवैध उत्खनन का शिकार रही यह पहाड़ी अब वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय स्थल बन रही है। ग्रीन आर्मी, स्थानीय युवाओं, वन विभाग और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से यहां हरियाली लौटी है। पहले यहां तेंदुआ और लकड़बग्घा भी देखे जा चुके हैं, जिससे खाद्य श्रृंखला और जैव-विविधता की बहाली का संकेत मिलता है।

कूनो नेशनल पार्क बंद होने के बावजूद चीते रहवासी इलाकों में घूम रहे

कूनो नेशनल पार्क के गेट मानसून के लिए बंद होने के बावजूद चीते रहवासी इलाकों, खेतों और सड़कों पर देखे जा रहे हैं। पार्क में कुल 49 चीते हैं, जिनमें से 19 खुले जंगल में हैं और नौ गांवों के आसपास दिखते हैं। श्योपुर, बड़ौदा और राजस्थान के कई इलाकों में भी इनकी मौजूदगी दर्ज की गई है। पिछले तीन वर्षों में चीतों द्वारा इंसानों पर हमले की कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन पालतू जानवरों के शिकार से पशुपालकों में असंतोष है, जिसके लिए मुआवजे का प्रावधान है। कूनो डीएफओ आर. थिरुकुराल के अनुसार, वन विभाग की ट्रेकिंग टीमें चीतों पर लगातार नज़र रख रही हैं।