बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी के मामले में घमापुर पुलिस ने एक शिक्षिका को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घमापुर के प्रेमसागर निवासी राखी बंशकार और विदिशा में पदस्थ सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत मिलकर बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देते थे तथा उनसे ली गई मोटी रकम आपस में बांट लेते थे।
इस मामले में पुलिस ने पहले सहायक शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत को विदिशा से गिरफ्तार किया था। उसकी पूछताछ में राखी बंशकार की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी आरोपित बनाया गया।
मंगलवार को गिरजेश सिंह राजपूत की पुलिस रिमांड खत्म होने पर दोनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
घमापुर थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे के अनुसार, सिद्धबाबा शिवशक्ति मंदिर क्षेत्र निवासी 24 वर्षीय बीएड छात्र अभिनव सेन, राखी बंशकार के बच्चों को घर जाकर ट्यूशन पढ़ाता था। इसी दौरान राखी ने उसे बताया कि भोपाल में टीईटी परीक्षा के दौरान उसकी मुलाकात विदिशा के सुमेरदांगी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक गिरजेश सिंह राजपूत से हुई थी।
आरोप है कि गिरजेश सिंह राजपूत ने अपनी नेताओं और अधिकारियों से पहचान होने तथा पूर्व में कई लोगों की नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसके बाद अभिनव सेन ने गिरजेश सिंह राजपूत से संपर्क किया, जिसने जबलपुर कलेक्ट्रेट में ग्रेड-1 पद पर भर्ती निकलने की जानकारी देते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
पुलिस के अनुसार, अभिनव सेन से नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख 52 हजार रुपये लिए गए। काफी समय बीतने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली।
बाद में अभिनव सेन को यह जानकारी मिली कि आरोपितों ने अन्य लोगों से भी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ली है। पुलिस के अनुसार, अस्मिता बंसल, मोहनीश बंसल, रजनीश बंसल सहित अन्य लोगों से कुल 29 लाख रुपये लेने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस टीम अब दोनों आरोपितों से जुड़े अन्य लोगों और नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। साथ ही, रकम के लेन-देन और अन्य संबंधित मामलों की भी जांच की जा रही है।

