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2026-10-17

दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित कैंसर दवाएं बेचने वाले डॉक्टर को किया गिरफ्तार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली समेत एनसीआर में सक्रिय एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कैंसर व अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर उन्हें प्रतिबंधित दवाएं बेच रहा था।

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इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के भिंड निवासी डॉ. मनीष शर्मा नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है, जो वर्तमान में कई सालों से फरीदाबाद में रह रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य की नकली, मिलावटी और तस्करी कर लाई गई दवाएं जब्त की हैं।

डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जब्त की गई दवाएं मुख्य रूप से जापान और अमेरिका की कंपनियों की थीं, जिन्हें तुर्की में बनाकर अवैध रास्तों से भारत में तस्करी कर लाया गया था।

इनमें से कुछ दवाएं भारतीय औषधि महानियंत्रक द्वारा भारत में बिक्री के लिए स्वीकृत भी नहीं हैं। आरोपित डॉ. मनीष शर्मा असली दवाओं के नाम पर इन्हें ऊंचे दामों पर बेचकर मोटी कमाई कर रहा था।

आरोपित को ट्रैप लगाकर पकड़ा गया

21 अगस्त को एएसआई राहुल कुमार और हवलदार हनुमान को सूचना मिली थी कि एक शख्स विदेश से अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी कर भारत में अवैध रूप से बेचने का धंधा कर रहा है। इसके बाद एसीपी भगवती प्रसाद व निरीक्षक पवन कुमार की टीम ने कार्रवाई की।

टीम ने दक्षिण-पूर्वी जिला के सुखदेव विहार स्थित मदर डेयरी बूथ के पास होंडा सिटी कार से पहुंचे आरोपित डॉ. मनीष शर्मा को एक ट्रैप लगाकर दबोच लिया।

अस्पताल में घाटे के बाद अवैध व्यापार शुरू किया

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डॉ. मनीष शर्मा ने रूस से एमबीबीएस किया है, लेकिन वह भारत में मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका। जिस पर उसने पहले फरीदाबाद में एक अस्पताल खोल लिया था।

अस्पताल में घाटा होने पर डॉ. मनीष शर्मा ने अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं का अवैध रूप से व्यापार शुरू कर दिया। उसने ‘एचके फार्मा’ नाम से एक फर्म बनाई और ‘इंडिया मार्ट’ के जरिए कैंसर की नकली और तस्करी की गई दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी।

बरामद हुईं प्रतिबंधित दवाएं

कार्रवाई के दौरान संबंधित दवा कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों को भी पुलिस ने साथ रखा। पुलिस ने डॉ. मनीष शर्मा की कार से ‘इक्लुसिग पोनाटिनिब’ की चार पैकेट दवाएं बरामद कीं। अमेरिका में इसकी कीमत लगभग 17,000 डॉलर (करीब 17 लाख रुपये प्रति बॉक्स) है। यह दवा भारत में स्वीकृत नहीं है।

‘डार्जालेक्स’ के दो बॉक्स भी बरामद किए गए, जिनकी तस्करी तुर्की से की गई थी। अधिकृत कंपनी द्वारा इसकी कीमत 2,27,000 रुपये प्रति वायल है। इसके अतिरिक्त, ‘ह्यूमन एल्ब्यूमिन सॉल्यूशन’ की चार वायल भी मिलीं, जिनकी तस्करी तुर्की से हुई थी और इनकी कीमत 5,800 रुपये प्रति बॉक्स है।

मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

क्राइम ब्रांच ने डॉ. मनीष शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के रास्तों का पता लगा रही है।