छतरपुर जिले के लवकुश नगर में 23 अगस्त को एक महिला ने 4 हाथ और 4 पैर वाले नवजात को जन्म दिया। लगभग 3 किलोग्राम वजन वाले इस शिशु की स्थिति गंभीर है। बेहतर उपचार के लिए इसे खजुराहो से एयरलिफ्ट कर जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती किया गया है। विशेषज्ञों की टीम उपचार में जुटी है, जिसने इसे ‘कंजॉइन्ड ट्विन्स’ का बेहद दुर्लभ मामला बताया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गर्भ में दो बच्चे पल रहे थे, लेकिन शुरुआती विकास में वे पूरी तरह अलग नहीं हो पाए, जिससे यह असाधारण शारीरिक संरचना बनी।
इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 60 वर्षीय महिला का एंजियोग्राफी से पूर्व निधन होने पर स्वजनों ने हंगामा किया, ऑपरेशन थिएटर को बाहर से बंद कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। जिला अस्पताल के मातृत्व ओटी में 37 वर्षीय गर्भवती महिला पुष्पा देवी का प्रथम एलएससीएस ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। प्रशासन ने प्रेमाश्रय आश्रम से स्थानांतरित 31 वृद्धजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए वृद्धाश्रमों में विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। बिलासपुर जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला भी सामने आया है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर की प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मध्य प्रदेश के भिंड निवासी डॉ. मनीष शर्मा को दिल्ली के सुखदेव विहार से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर लाखों रुपये मूल्य की नकली, मिलावटी और तस्करी कर लाई गई दवाएं जब्त की गईं, जिनमें ‘इक्लुसिग पोनाटिनिब’ और ‘डार्जालेक्स’ शामिल हैं। ये दवाएं तुर्की से तस्करी कर लाई गई थीं और भारत में बिक्री के लिए स्वीकृत नहीं थीं। आरोपित रूस से एमबीबीएस था लेकिन भारत में लाइसेंस नहीं मिला। उसने ‘एचके फार्मा’ फर्म बनाकर ‘इंडिया मार्ट’ के जरिए अवैध व्यापार शुरू किया था।
केंद्र सरकार ने फ्लूपेंरिक्सोल, जोपिक्लोन, गैबापेंटिन और कैरिसोप्रोडोल को दवा नियमों की अनुसूची एच1 में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार इस प्रस्ताव के अनुसार, मंजूरी के बाद ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। इनकी बिक्री और रिकॉर्ड रखने के नियम सख्त होंगे, जिसमें मरीज, डॉक्टर और दवा की जानकारी दर्ज करनी होगी। यह कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल और नशे के रूप में इनके प्रयोग पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि ये दवाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं।
मध्य प्रदेश की पहली आधुनिक आयुर्वेदिक फार्मेसी का काम दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिसका निर्माण पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल के कालियासोत परिसर में 2024 से चल रहा है। भवन का 70% काम पूरा हो चुका है, लेकिन मशीनरी, लाइसेंस और जीएमपी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया अभी भी लंबित है। इस फार्मेसी का उद्देश्य आधुनिक तरीके से आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण, गुणवत्ता जांच और सुरक्षित भंडारण करना है। विभाग ने इसे दिसंबर 2026 तक शुरू करने का नया लक्ष्य रखा है, जिसके लिए लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट आवश्यक है।
राजधानी भोपाल में मानसूनी बारिश के कारण डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त महीने में डेंगू के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। 25 अगस्त तक डेंगू के 22 पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 9 था। चिकनगुनिया के मामले भी दोगुने हो गए हैं। जलभराव को मच्छरों के तेजी से पनपने का मुख्य कारण बताया जा रहा है। हालांकि, 1 जनवरी से 25 अगस्त तक के वार्षिक आंकड़ों में चिकनगुनिया के मामलों में कमी आई है, जिससे बड़ी महामारी की आशंका नहीं है।
इंदौर के खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लीनिक में इलाज के दौरान 10 वर्षीय दिव्यांशी सोलंकी की मौत के बाद रविवार देर रात हंगामा हो गया। स्वजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जूनी इंदौर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। बच्ची को पेट दर्द की शिकायत थी और 15 दिनों से क्लीनिक में इलाज चल रहा था। रविवार को इंजेक्शन और बोतल चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और कुछ घंटों में मौत हो गई। स्वजनों ने क्लीनिक में आईसीयू सुविधा न होने और रेफर न करने पर सवाल उठाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर में 60 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण से मौत हो गई, जबकि भोपाल में छह मरीजों में H1N1 की पुष्टि हुई है लेकिन राजधानी में जांच शुरू नहीं हो पाई है। गांधी मेडिकल कॉलेज में जांच किट उपलब्ध नहीं है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भी 13 मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि फ्लू के 95% मामले स्वतः ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर लक्षणों पर तत्काल डॉक्टरी सलाह आवश्यक है। उन्होंने एंटीवायरल दवाओं का पूरा कोर्स करने और बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध होने की जानकारी दी।
एफडीए ने नवी मुंबई में खाद्य पैकेजिंग धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है, जहां एम/एस साधना इंटरप्राइजेज में नामी कंपनियों के एक्सपायरी खाद्य उत्पादों को नए लेबल लगाकर बेचा जा रहा था। 24 से 29 अगस्त के बीच तुर्भे इलाके में हुई कार्रवाई में ₹76.51 लाख से अधिक का सामान जब्त किया गया। पुराने निर्माण और एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीखें छापी जा रही थीं। इस प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस तत्काल निलंबित कर दिया गया है। एफडीए ने स्वच्छता खामियों के चलते अकोला के ब्लिंकिट और मुंबई के रेस्टोरेंट के लाइसेंस भी निलंबित किए हैं, जहाँ गंदे नालों के पास खाद्य सामग्री और कॉकरोच पाए गए थे।
सतना जिले में भारी बारिश और बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। अब तक 434 प्रभावित आवासों के लिए ₹18.01 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर वितरित की जा चुकी है। जिले भर में 14,700 फूड पैकेट और 2,368 तिरपाल वितरित किए गए हैं। चित्रकूट सहित पूरे जिले में 6,125 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। प्रशासन के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएँ और आमजन भी भोजन, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुँचाकर राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग दे रहे हैं। विभिन्न तहसीलों में भी व्यापक स्तर पर सहायता प्रदान की जा रही है।