बुलंद सोच, पुणे।
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत की जांच में एक गवाह ने अहम सुराग दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गवाह का दावा है कि उसने तीन आरोपियों में से एक चेतन चौधरी को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले की चट्टान से नीचे धक्का देते हुए देखा था।
गवाह ने पुलिस को बताया कि वह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहागढ़ घूमने गया था। किले की सीढ़ियां चढ़ते समय उसने केतन और उसकी मंगेतर सिया गोयल को एक साथ चलते देखा, जबकि चेतन चौधरी उनके पीछे चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, चेतन की हुडी की वजह से गवाह को उसका चेहरा याद रहा।
गवाह ने चेतन चौधरी से यह भी पूछा था कि गर्मी के बावजूद उसने हुडी क्यों पहनी है। किले पर पहुंचने के बाद, चेतन एक मंदिर के पास बैठा था और केतन व सिया के आगे बढ़ने पर उनके पीछे-पीछे चल दिया। गवाह ने पुलिस को बताया कि पेट में ऐंठन महसूस होने के बाद वह कुछ देर के लिए उस जगह से हट गया था।
वापस लौटते समय, गवाह ने कथित तौर पर सिया गोयल को चेतन चौधरी की ओर इशारा करते हुए देखा। गवाह के बयान के अनुसार, इसके बाद सिया गोयल नीचे बैठ गई और केतन के पैर पर लात मारी। इसके बाद, चेतन चौधरी कथित तौर पर पीछे से केतन अग्रवाल की ओर दौड़ा और उसे चट्टान की ओर धक्का दे दिया।
गवाह का दावा है कि बाद में उसने चेतन चौधरी से उस घटना के बारे में बात की जो उसने देखी थी। चेतन चौधरी सीधे सवाल-जवाब से नाराज हो गया और उसने गवाह को चुप रहने की चेतावनी दी। उसने गवाह को किले से नीचे फेंक देने की धमकी भी दी। सूत्रों के अनुसार, उस व्यक्ति ने अपने दोस्त को इस घटना के बारे में नहीं बताया। घटना के पांच दिन बाद 23 जून को वह पुलिस के पास पहुंचा और अपना बयान दर्ज कराया।
इस मामले में एक दूसरे गवाह का भी दावा है कि लोहागढ़ की ट्रेकिंग के दौरान उसका चेतन चौधरी से आमना-सामना हुआ था। गवाह के बयान का हवाला देते हुए सूत्रों ने बताया कि उस व्यक्ति ने चेतन चौधरी से पूछा कि उसने हुडी क्यों पहनी है, जिसके बाद चेतन चौधरी ने माफी मांगी और आगे बढ़ गया।
गवाहों के बयानों के अलावा, जांचकर्ताओं ने मामले की जांच के तहत बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूतों की भी जांच की है। पुलिस ने लगभग 12 टेराबाइट (TB) तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया है, जिसमें छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट से निकाली गई जानकारी शामिल है।
जांचकर्ता फॉरेंसिक विश्लेषण के जरिए रिकवर किए गए डिलीट किए गए चैट और अन्य डेटा की भी जांच कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ डिजिटल जानकारी को डिलीट करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाद में डेटा के कुछ हिस्से रिकवर कर लिए गए। जांच करने वालों के अनुसार, आईफोन से डेटा हटाने, चैट हिस्ट्री डिलीट करने और जानकारी को वापस पाने से रोकने के तरीकों से जुड़ी सर्च हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है।
इस महीने की शुरुआत में, पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस हत्या के मामले में 5,053 पेज की चार्जशीट दाखिल की। शुरुआत में माना जा रहा था कि केतन अग्रवाल की मौत पुणे के लोहागढ़ किले से गिरने के कारण हुई थी।
हालांकि, बाद में पुलिस ने दावा किया कि उसकी हत्या सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी की रची गई साजिश के तहत की गई थी। इस मामले में रितेश हांगे नाम के एक तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान पुलिस ने चेतन चौधरी के दोस्त के तौर पर की है। इस मामले में अब तक तीन गवाह सामने आए हैं।

