प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के दो साल पुराने फर्जी बिल घोटाले में 20,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। इसमें कुल 32 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिनमें निगम इंजीनियर अभय राठौर, ड्रेनेज कर्मचारी, ठेकेदार फर्मों के संचालक और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। आरोपितों पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। जांच में पता चला कि 103.42 करोड़ रुपये से अधिक की सार्वजनिक धनराशि फर्जी बिलों के माध्यम से गबन की गई। ईडी ने 59.18 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की हैं और तीन मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।