पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। बुधवार को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट की विशेष जज अनु ग्रोवर बालिगा ने इस चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लिया और स्वीकार किया। अदालत ने सीबीआई को एनेक्सर्स दाखिल करने के लिए भी समय दिया है। सीबीआई ने बताया कि लगभग 20,000 पन्नों के एनेक्सर्स की स्कैनिंग चल रही है, जिन्हें यह प्रक्रिया पूरी होने के तीन दिनों के भीतर अदालत में जमा कर दिया जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में पीएमएलए कोर्ट में 20 हजार पेज की चार्जशीट दायर की है। घोटाले की राशि बढ़कर 103.42 करोड़ रुपए हो गई है, जिसमें 32 आरोपी शामिल हैं। ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को 20 ठिकानों पर छापे मारे, जिसमें 22.04 करोड़ रुपए की संपत्तियां फ्रीज की गईं और 37.14 करोड़ रुपए की 52 अचल संपत्तियां कुर्क की गईं। कुल 59.18 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आरोपियों को समन जारी कर अगली सुनवाई की तारीख तय की है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंदौर नगर निगम के दो साल पुराने फर्जी बिल घोटाले में 20,000 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की है। इसमें कुल 32 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिनमें निगम इंजीनियर अभय राठौर, ड्रेनेज कर्मचारी, ठेकेदार फर्मों के संचालक और स्थानीय निधि लेखा परीक्षा कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। आरोपितों पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं। जांच में पता चला कि 103.42 करोड़ रुपये से अधिक की सार्वजनिक धनराशि फर्जी बिलों के माध्यम से गबन की गई। ईडी ने 59.18 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की हैं और तीन मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार भी किया है।