भोपाल में भेल गेट नंबर-8 के पास मिले एक युवक के शव के मामले में एम्स की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, शव के गले को जानवरों ने काटकर खाया था और शरीर पर दांतों के निशान मिले हैं। धारदार हथियार से चोट के कोई निशान नहीं हैं। गोविंदपुरा पुलिस अब हत्या की आशंका से लगभग इनकार कर रही है, उनका मानना है कि मौत बीमारी या अन्य कारण से हुई होगी और बाद में जानवरों ने शरीर को खाया। पुलिस मृतक की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट और आधार कार्ड का मिलान कर रही है तथा 40-50 गुमशुदगी के मामलों की जांच कर चुकी है।
बालाघाट में बहुचर्चित चावल कांड में पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भतीजे और हर्ष राइस इंडस्ट्री के साझेदार अविनाश कावरे को वारासिवनी न्यायालय ने 14 अगस्त तक के लिए पुनः पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एसआईटी उनसे मामले में उनकी और अन्य साझेदारों की संलिप्तता को लेकर गहन पूछताछ करेगी। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए प्रभावशाली लोगों की गिरफ्तारी न होने और अविनाश कावरे के अस्पताल में भर्ती होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाने और शहर में बढ़ते अपराधों पर भी सवाल उठाए, प्रभावी पुलिसिंग की मांग की।
सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में एक रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या के बाद गुजरात सरकार ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि प्रशासन, सुपरिटेंडेंट, पुलिस और डीन की मौजूदगी में पैनल और फोरेंसिक पोस्टमार्टम कराया गया है, ताकि मौत के हर पहलू की बारीकी से जांच हो सके। एंटी-रैगिंग कमेटी, सुपरिटेंडेंट और डीन रातभर सिविल अस्पताल में मौजूद रहकर यह पता लगाएंगे कि डॉक्टर के साथ रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न या किसी तरह की प्रताड़ना तो नहीं हुई थी।
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी खेतसिंह मेहरा ने माता-पिता के काम पर जाने के बाद छात्रा को बर्तन साफ करने के बहाने अपने घर बुलाया और गलत तरीके से छुआ। छात्रा के रोने की आवाज सुनकर परिचितों के पहुंचने पर आरोपी चिल्लाने लगा। छात्रा ने घटना परिचितों को बताई, जिन्होंने उसके माता-पिता को सूचित किया। पुलिस ने शिकायत पर खेतसिंह मेहरा को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मॉल में 9 अगस्त 2026 की शाम पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से 8 वर्षीय आयुष पटेल और 7 वर्षीय अंशिका पटेल की मौत हो गई। बच्चे घर से बाहर थे और काफी देर तक दिखाई न देने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, जिसके बाद वे गड्ढे में मृत पाए गए। घटना की जानकारी 10 अगस्त को गढ़ थाने में दी गई, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र में खुले पानी से भरे गड्ढों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुरहानपुर में तहसील कार्यालय के भृत्य दिनेश पाटिल ने सोमवार दोपहर कीटनाशक पी लिया, जिसकी उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। सहकर्मियों ने बताया कि उस पर काफी कर्ज था, हालांकि आत्महत्या का स्पष्ट कारण अभी ज्ञात नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो दिन पहले भी एक सरपंच ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। बाजार में कीटनाशकों की आसान उपलब्धता और उनके विक्रय को लेकर दिशानिर्देशों का अभाव ऐसे मामलों की मुख्य वजह बताई जा रही है।
इंदौर में 18 वर्षीय रानी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली, जिसकी रविवार शाम एमवाय अस्पताल में मौत हो गई। उसके हाथ पर मेहंदी से एक युवक का नाम लिखा मिला था, और पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग का मामला मानकर जांच कर रही है। इसी बीच, राजेंद्र नगर में एक चौकीदार रामभरोसे (40) की निर्माणाधीन भवन से गिरकर मौत हो गई, पुलिस ने मर्ग कायम किया है। साथ ही, छिंदवाड़ा में हनीट्रैप और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
देवास के सतवास थाना क्षेत्र में सोमवार शाम सतवास-पुनासा मार्ग पर एक तेज रफ्तार फार्च्यूनर कार ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक खंडवा जिले के बायफल पुनासा निवासी नितेश डावर (35) और शक्ति डावर (34) थे। दुर्घटना के बाद कार मक्के के खेत में घुस गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को अस्पताल पहुंचाया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार चालक कथित तौर पर नशे में था। बागली विधायक मुरली भंवरा भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां लोगों ने तेज गति पर नियंत्रण की मांग की।
भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र में एक सेवानिवृत्त निगम कर्मचारी जुगल किशोर श्रीवास्तव से साइबर ठग ने 78 हजार रुपये की ठगी की है। ठग ने 18 जुलाई को फोन कर खुद को शर्मा बताया और कहा कि उसके मामा को हृदय रोग है तथा वे अस्पताल में भर्ती हैं, जिसके इलाज के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है। भरोसे में आए श्रीवास्तव ने पहले डॉक्टर के बताए यूपीआई पर 25 हजार, 20 हजार और 23 हजार रुपये भेजे, फिर ठग के अपने यूपीआई पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर में एक महिला को पार्ट टाइम नौकरी के नाम पर 10 लाख आठ हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया है। पीड़िता अनु इति जैन ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। होटल-रेस्टोरेंट की रेटिंग देने के बदले कमीशन का झांसा देकर उनसे विभिन्न खातों में निवेश के नाम पर राशि जमा करवाई गई। शुरुआत में कुछ राशि लौटाकर भरोसा जीता गया, लेकिन बाद में कुल 10 लाख आठ हजार रुपए ठग लिए गए। एरोड्रम पुलिस ने शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।