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2026-10-17

मध्य प्रदेश में सांसद निधि खर्च में महिला सांसद पुरुष सांसदों से आगे, सागर की लता वानखेड़े शीर्ष पर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

सांसद निधि (एमपीलैड्स) खर्च करने के मामले में मध्य प्रदेश देशभर में 13वें नंबर पर है। प्रदेश के 40 सांसदों को मिली 592.6 करोड़ रुपए की राशि में से अब तक केवल 239.5 करोड़ रुपए, यानी 40.4% ही खर्च हो पाए हैं। ये आंकड़े सांसदों के मौजूदा कार्यकाल के दौरान अब तक हुए कुल आवंटन और खर्च पर आधारित हैं।

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निधि खर्च करने के मामले में प्रदेश की महिला सांसद, पुरुष सांसदों से आगे निकल गई हैं।

सागर सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने 99.89% राशि खर्च कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं, भोपाल सांसद आलोक शर्मा चौथे नंबर पर हैं। मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सबसे पीछे हैं, जिन्होंने अब तक सिर्फ 26.38% राशि ही खर्च की है।

प्रदेश की 8 महिला सांसदों ने औसतन करीब 74% राशि खर्च की है, जबकि 23 पुरुष सांसदों की औसत खर्च दर लगभग 65% रही। इस प्रकार, महिला सांसद पुरुष सांसदों से लगभग 9 प्रतिशत अंक आगे हैं।

केंद्रीय मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण और हाल ही में शपथ लेने वाले तीन नए राज्यसभा सदस्यों को इस विश्लेषण में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि उनका कार्यकाल अभी शुरू ही हुआ है।

लोकसभा सांसदों का खर्च

लोकसभा सांसदों में खर्च के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर सांसद शंकर लालवानी का आंकड़ा 83.22% रहा।

खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने 78.43% राशि खर्च की। खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने 14.70 करोड़ रुपए में से 11.12 करोड़ रुपए खर्च किए।

देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी का खर्च 73.84% रहा। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने 68.05% खर्च किए।

ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने 54.82% राशि का उपयोग किया। नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 14.70 करोड़ रुपए में से 47.36%, यानी 6.96 करोड़ रुपए राशि खर्च की।

राज्यसभा सांसदों का खर्च

मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे विवेक तन्खा (कार्यकाल 2022-28) ने अब तक मिली 22.05 करोड़ रुपये की राशि में से 18.47 करोड़ रुपये, यानी 83.75% खर्च कर डाली है, जो प्रदेश के सभी राज्यसभा सदस्यों में सबसे ज्यादा है।

इसके बाद डॉ. कविता पाटीदार (कार्यकाल 2022-28) ने 75.54% राशि खर्च की है।

वहीं, माया नरोलिया (कार्यकाल 2024-30) ने अब तक 14.70 करोड़ रुपए में से 10.62 करोड़ रुपए, यानी 72.31% राशि का उपयोग किया है, जो उनके साथ ही शपथ लेने वाले कई सांसदों से बेहतर प्रदर्शन है।

सांसद निधि से हुए कार्यों की पड़ताल

सरकार ने देशभर में सांसद निधि से बने कामों की जमीनी पड़ताल कराई। सर्वेक्षण में शामिल सभी परिसंपत्तियां मौके पर मिलीं, लेकिन इनमें हर 20वां काम बेकार पड़ा मिला।

सिर्फ 82% कामों की ही सही देखभाल हो रही थी, जबकि लगभग 18% काम बदहाली में मिले। स्वीकृति प्रक्रिया की बात करें तो 87% काम समय पर मंजूर हुए, लेकिन हर आठवें काम की मंजूरी में देरी हुई।