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2026-10-17

मध्य प्रदेश की पहली आधुनिक आयुर्वेदिक फार्मेसी दो साल से अधूरी, 70% भवन निर्माण पूर्ण

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण को आधुनिक स्वरूप देने के लिए शुरू की गई प्रदेश की पहली आधुनिक आयुर्वेदिक फार्मेसी का काम दो साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल के कालियासोत परिसर में वर्ष 2024 से इसका निर्माण चल रहा है।

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भवन का करीब 70 प्रतिशत काम अभी तक पूरा हो पाया है। फार्मेसी के संचालन के लिए जरूरी मशीनरी और लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है।

इस फार्मेसी का उद्देश्य आयुर्वेदिक दवाओं का आधुनिक तरीके से निर्माण, उनकी गुणवत्ता की जांच और सुरक्षित भंडारण करना है। यहाँ जड़ी-बूटी प्रोसेसिंग यूनिट, क्वालिटी टेस्टिंग लैब और स्टोरेज की सुविधा विकसित की जानी है। इसके लिए आधुनिक मशीनें स्थापित की जानी हैं।

सूत्रों के अनुसार, मशीनों की खरीदी और स्थापना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। फार्मेसी शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है।

इसके चलते भवन तैयार होने के बाद भी दवा उत्पादन शुरू करना आसान नहीं होगा। फार्मेसी को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने और आवश्यक अनुमतियां लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आधुनिक फार्मेसी स्थापित करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है।

मरीजों को लाभ और लक्ष्य

इसके शुरू होने के बाद पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल में आने वाले मरीजों को शुद्ध और अपेक्षाकृत कम कीमत पर आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। आगे चलकर यहाँ तैयार दवाओं की आपूर्ति प्रदेश के अन्य शासकीय आयुर्वेद अस्पतालों में भी की जा सकेगी।

फार्मेसी शुरू होने से अस्पताल में उपचार लेने वाले मरीजों को जरूरी आयुर्वेदिक दवाएं उपलब्ध कराने में आसानी होगी। साथ ही दवाओं की गुणवत्ता पर संस्थान का सीधा नियंत्रण रहने की उम्मीद है। इससे बाहर से दवाएं खरीदने पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है।

विभाग ने अब इसे दिसंबर 2026 तक शुरू करने का नया लक्ष्य रखा है। हालांकि, निर्माण, मशीनों की स्थापना, लाइसेंस और जीएमपी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया समय पर पूरी करना चुनौती बनी हुई है।

डीन का वक्तव्य

शासकीय पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद विश्वविद्यालय के डीन डॉ. उमेश शुक्ला ने बताया कि मशीनें लाने की तैयारी चल रही है और भवन का निर्माण भी जारी है। उन्होंने कहा कि काम पूरा होने के बाद फार्मेसी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शुरू किया जाएगा।