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2026-10-17

एनएचआरसी का राज्यों को निर्देश: त्योहारों पर वेंडरों को बिना वैकल्पिक जगह दिए न हटाएं

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, नई दिल्ली।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगामी नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारों में स्थानीय वेंडर्स, स्ट्रीट वेंडर्स, फेरीवालों, कुम्हारों और छोटे व्यापारियों की आजीविका तथा मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान स्थानीय वेंडर्स को बिना वजह हटाया न जाए और न ही उनकी आजीविका छीनी जाए।
यदि आग से सुरक्षा या जन-सुरक्षा के कारण किसी जगह को खाली कराना जरूरी हो, तो वेंडिंग के लिए उपयुक्त वैकल्पिक जगह दी जानी चाहिए।
एनएचआरसी ने यह भी निर्देश दिया है कि वेंडर्स का सामान मनमाने ढंग से जब्त न किया जाए और न ही उनके खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही, उत्पीड़न, जबरन वसूली या अनुचित दखलंदाजी की शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
आयोग ने स्थानीय प्रशासन से यह भी कहा है कि वे ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के तहत स्थानीय वेंडर्स, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बढ़ावा दें।

निर्देशों का आधार

संस्था की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह मामला अलग-अलग शहरों में स्थानीय वेंडर्स और फेरीवालों को कथित तौर पर बिना वजह हटाने, उनका सामान जब्त करने, जुर्माना लगाने और उन्हें परेशान करने की शिकायतों से जुड़ा है।
पिछले साल त्योहारों के मौसम के दौरान, सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी बेंच ने इस मामले का संज्ञान लिया था।
इसके साथ ही संबंधित राज्यों व स्थानीय अधिकारियों को आरोपों की जांच करने और जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
इस साल, यह देखते हुए कि त्योहारों के मौसम में स्थानीय वेंडर्स की आजीविका और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोग के दखल की फिर से जरूरत है, आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए निर्देश जारी किए।

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कार्यान्वयन और रिपोर्ट

एनएचआरसी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे इन निर्देशों को जिला मजिस्ट्रेटों, नगर निकायों, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों तक व्यापक रूप से पहुंचाएं और इनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करें।
आयोग ने निर्देश दिया है कि लंबित मामलों में अतिरिक्त/पूर्ण ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ 18 अक्तूबर 2026 तक जमा की जाए।