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2026-10-17

रेलवे भोपाल-निशातपुरा आउटर पर बढ़ाएगा सुरक्षा, घनी झाड़ियां हटेंगी; ट्रैक मित्र भी जुड़ेंगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

रेलवे ने ट्रेन के आउटर पर धीमी गति के दौरान झाड़ियों में छिपकर यात्रियों पर पथराव या मोबाइल छीनने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की है। इन स्थानों को ‘ब्लैक स्पॉट’ के रूप में चिह्नित कर पटरियों के दोनों ओर उगी घनी झाड़ियों को हटाया जा रहा है, विशेषकर उन जगहों पर जहां ट्रेन की गति कम होती है और अपराध की घटनाएं सामने आई हैं।

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रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों को ‘ट्रैक मित्र’ के रूप में जोड़ने की योजना है, ताकि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचा सकें। इस व्यवस्था में जीआरपी के 28 थाने, 20 पुलिस चौकियां और 25 सहायता केंद्र भी शामिल होंगे। जीआरपी अपने अधिकार क्षेत्र में उन स्थानों की पहचान करेगी जहां अपराध की घटनाएं अधिक हुई हैं या झाड़ियों के कारण निगरानी में बाधा आती है।

प्लेटफार्मों के आसपास चरणबद्ध कार्रवाई

प्रदेश के 548 प्लेटफार्मों के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों की पहचान कर झाड़ियों की चरणबद्ध तरीके से कटाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में सबसे पहले अपराध प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर सहित अन्य स्टेशनों पर चल रही कार्रवाई की स्थिति अधिकारियों से प्राप्त की जाएगी।

निशातपुरा आउटर पर सफाई अभियान

निशातपुरा आउटर में रेलवे ट्रैक के आसपास लगभग दो किलोमीटर का क्षेत्र बड़ी झाड़ियों से ढका हुआ था। किलोमीटर नंबर 837/17 से 839/27 यूपी आरडी एनएसजेड4एआरडी तक सफाई कार्य पूरा कर लिया गया है। हालांकि, बारिश के कारण लगभग 500 मीटर के हिस्से में पानी भरा हुआ है, जिससे जेसीबी द्वारा सफाई संभव नहीं हो पा रही है। इस हिस्से की सफाई पानी कम होने के बाद की जाएगी।

भोपाल और निशातपुरा आउटर पर धीमी गति के कारण घनी झाड़ियों की आड़ में बदमाशों के छिपने की आशंका बनी रहती है। पथराव और यात्रियों से जुड़ी घटनाओं वाले हिस्सों में पहले सफाई कराई जा रही है। बारिश में बढ़ चुकी झाड़ियों की नियमित कटाई को सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है।

ट्रैक मित्रों की भूमिका

रेलवे अब ट्रैक के आसपास रहने वाले लोगों को ‘ट्रैक मित्र’ के रूप में जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इन ‘ट्रैक मित्रों’ को ट्रैक के पास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या सुरक्षा संबंधी समस्या दिखाई देने पर संबंधित रेलवे या सुरक्षा एजेंसी को सूचना देने के लिए जागरूक किया जाएगा। यह व्यवस्था ऐसे क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी।

संवेदनशील स्थानों की पहचान करके वहां सुरक्षा उपायों और झाड़ियों की सफाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। जीआरपी और रेलवे के संबंधित विभागों के समन्वय से इन कार्रवाइयों को आगे बढ़ाया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, पथराव की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाने की भी तैयारी है। बच्चों को समझाया जाएगा कि चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों को गंभीर चोट लग सकती है और उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। यह जानकारी मध्य प्रदेश के स्पेशल डीजी राजाबाबू सिंह ने दी।