बड़वानी में कसरावद पुल पर मेघनगर से बड़वानी आ रही एक यात्री बस से एक यात्री द्वारा नर्मदा नदी में अर्पित किया गया नारियल पुल से गुजर रही एक कार के अगले शीशे से जा टकराया, जिससे शीशा टूट गया। इस घटना के बाद कार चालक ने बस को रुकवाया और विवाद बढ़ने पर लगभग 30-35 यात्रियों को थाने लाया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया और यात्रियों को रवाना कर दिया। यात्री और बस परिचालक ने आस्था के साथ सुरक्षा बरतने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं टाली जा सकें।
मध्य प्रदेश में लगभग दो दशक बाद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था का पुनर्गठन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 25 सितंबर को होगा। यह ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ पीपीपी मॉडल पर आधारित होगी और इसका उद्देश्य डेटा, तकनीक तथा निजी भागीदारी के माध्यम से संचालन, निगरानी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने इंदौर में इसकी घोषणा की थी। योजना के तहत प्रदेश के 55 जिलों में 1036 रूट चिह्नित किए गए हैं, जिनमें इंदौर से 23 रूट शामिल हैं। इसमें इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, यात्री सुरक्षा और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
15 सितंबर को कटनी-जबलपुर के बीच चलती पवन एक्सप्रेस से एक डेढ़ साल की बच्ची गिर गई। उसकी 26 वर्षीय मां संजीदा खातून मोबाइल फोन में व्यस्त थीं। बच्ची लगभग 8 फीट ऊंची इमरजेंसी खिड़की से नुकीली गिट्टियों पर जा गिरी। मां की चीख-पुकार सुनकर यात्रियों ने तुरंत इमरजेंसी चेन खींची। चमत्कारिक रूप से बच्ची जीवित बच गई, हालांकि उसे सिर, पीठ, हाथ-पैरों में चोटें आईं और एक हाथ टूट गया। उसे जबलपुर जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यात्रियों की तत्परता से बच्ची की जान बच गई।
रेलवे ने भोपाल और निशातपुरा आउटर पर यात्रियों पर पथराव व मोबाइल छीनने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी की है। ‘ब्लैक स्पॉट’ चिह्नित कर पटरियों के आसपास की घनी झाड़ियां हटाई जा रही हैं। प्रदेश के 548 प्लेटफार्मों के आसपास चरणबद्ध तरीके से झाड़ियों की कटाई होगी, जिसमें अपराध प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलेगी। निशातपुरा आउटर पर दो किलोमीटर क्षेत्र में सफाई हुई है। ट्रैक के आसपास के निवासियों को ‘ट्रैक मित्र’ के रूप में जोड़ा जाएगा जो संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में 2017 के ट्रेन हादसे में मृतक के माता-पिता को आठ लाख रुपये का मुआवजा बहाल कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृत यात्री से टिकट बरामद न होने मात्र से मुआवजे का दावा समाप्त नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसने मुआवजे को खारिज कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि पिता के शपथ पर दिए बयान और एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में इलाज जैसे तथ्यों से यात्री के वास्तविक होने की पुष्टि होती है। यह राशि मृतक के माता-पिता को 30 दिनों के भीतर दी जाए।
भिंड के ग्वालियर-इटावा हाईवे पर शुक्रवार सुबह गोहद चौराहा थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक स्लीपर बस डंपर और गैस वाहन से टकराकर पलट गई। इस दुर्घटना में एक महिला यात्री की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य यात्री घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को हादसे का कारण बताया गया है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
उज्जैन जिले के महिदपुर रोड रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह रतलाम-कोटा पैसेंजर मेमू ट्रेन के इंजन पर 25 हजार केवी की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूटकर गिर गई, जिससे इंजन में आग लग गई और यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्रियों ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। हालांकि, ट्रेन आगे बढ़ जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति बंद की और आग पर काबू पाया। इस घटना से रेल यातायात प्रभावित हुआ और दो ट्रेनें आधा घंटा देरी से रवाना हुईं। रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि यात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अपने ‘ऑपरेशन अमानत’ अभियान के तहत हरदा में एक यात्री का ₹70,000 कीमती लैपटॉप, चार्जर और आवश्यक दस्तावेजों से भरा बैग सुरक्षित लौटा दिया। खरगोन निवासी हर्ष राठौर खंडवा से भोपाल जाते समय ट्रेन संख्या 17020 में भीड़ के कारण जल्दबाजी में अपना बैग सामान्य कोच में छोड़ गए थे। सूचना मिलते ही हरदा RPF के एएसआई रूपेन्द्र बुवाड़े और प्रधान आरक्षक जितेन्द्र तिवारी ने ट्रेन के हरदा स्टेशन पहुंचने पर तलाशी लेकर बैग बरामद किया और सत्यापन के बाद हर्ष राठौर को सौंप दिया।
देवास-भोपाल कॉरिडोर प्राइवेट लिमिटेड (DBCPL) ने 149.700 किलोमीटर लंबे देवास-भोपाल कॉरिडोर पर चौबीसों घंटे सक्रिय इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित किया है। इस प्रणाली के तहत 24×7 एम्बुलेंस सेवा, रिकवरी क्रेन, हाईवे पेट्रोलिंग वाहन और आपातकालीन हेल्पलाइन 1099 उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित सहायता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डीबीसीपीएल कॉरिडोर के नियमित रखरखाव, जिसमें गड्ढों की मरम्मत और लेन मार्किंग शामिल है, के साथ-साथ ‘प्रोजेक्ट निरामया’ और ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ जैसी सामाजिक पहलों के माध्यम से समुदायों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है।
महाराष्ट्र में एप आधारित यात्री सेवा प्रदान करने वाली सभी एग्रीगेटर कंपनियों को 1 सितंबर तक परिवहन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। राज्य परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी नियमों का पालन कराने के लिए यह नई नीति लागू की गई है। इसके तहत वाहनों का वैध परमिट, पंजीकरण और बीमा होना चाहिए, तथा ड्राइवर योग्य होने चाहिए। कंपनियों को यात्रियों की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।