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2026-10-17

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों की सेवा अवधि गणना मामले में राज्य सरकार को चार सप्ताह का अंतिम समय दिया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति दीपक खोट की एकलपीठ ने राज्य सरकार को अदालती आदेश का अनुपालन करने के लिए चार सप्ताह का अंतिम समय प्रदान किया है।

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इस अदालती फैसले से मध्य प्रदेश के करीब 70 हजार शिक्षकों को वरिष्ठता, वेतन वृद्धि, पेंशन और एरियर जैसे लंबित वित्तीय व सेवा संबंधी लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ प्राप्त होने पर उनके मासिक वेतन में 15 से 20 हजार रुपये तक की वृद्धि होने की संभावना है।

इसके अतिरिक्त, छठवें वेतनमान की पात्रता 1 जनवरी 2006 से माने जाने की स्थिति में लगभग 10 साल का एरियर भी मिलेगा। यह एरियर प्रति शिक्षक लगभग 7 से 8 लाख रुपये तक (12 प्रतिशत संभावित ब्याज सहित) हो सकता है।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के पूर्व फैसले के विरुद्ध राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने 24 अगस्त 2026 को खारिज कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के पश्चात् दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने सरकार को चार सप्ताह की मोहलत दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की गई है।

राजेश पांडेय सहित 497 अध्यापकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 2018 से पूर्व की अपनी शिक्षकीय सेवाओं को संविलियन में शामिल न करने के सरकारी फैसले को चुनौती दी थी।

याचियों का तर्क था कि उनकी पहली नियुक्ति की तिथि से सेवा अवधि की गणना कर वरिष्ठता और सभी देय लाभ प्रदान किए जाने चाहिए।

इस मामले में शिक्षक नेताओं ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से अपील निरस्त होने के बाद अब सरकार को बिना किसी विलंब के उच्च न्यायालय के आदेश पर अमल करना चाहिए।

अनुकंपा नियुक्तियां

दूसरी ओर, प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दो दिनों के भीतर 600 से अधिक दिवंगत शिक्षकों व कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र जारी करने के त्वरित कदम का स्वागत किया है। संगठनों ने इस मानवीय पहल के लिए राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।