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राजस्व निरीक्षकों ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर पदोन्नति की मांग की

मध्य प्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ, जिला भोपाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को पत्र लिखकर नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति देने की मांग की है। संघ का कहना है कि इस अवसर से राजस्व निरीक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और प्रशासन पर वित्तीय भार भी कम होगा। पत्र में बताया गया है कि नायब तहसीलदार के स्वीकृत पदों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं, जबकि राजस्व निरीक्षक संवर्ग में पर्याप्त कर्मचारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश में 233 नए डेंटल सर्जन की भर्ती प्रक्रिया शुरू

मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 233 नए डेंटल सर्जन की नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की है। MPPSC द्वारा चयनित इन डॉक्टरों को 10 अगस्त शाम 5 बजे तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन न करने पर नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी। पोस्टिंग जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से होगी। पति-पत्नी को एक ही जिले में पोस्टिंग का विकल्प भी मिलेगा, और गलत जानकारी या बिना सूचना के ड्यूटी पर न पहुंचने पर कार्रवाई की जाएगी।

प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति 2026: चयनित उम्मीदवारों को पारस्परिक जिला परिवर्तन की सुविधा

स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति 2026 के चयनित उम्मीदवारों के लिए पारस्परिक जिला परिवर्तन की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए है जिन्हें पारिवारिक, सामाजिक या चिकित्सीय कारणों से आवंटित जिले या विद्यालय में सेवा देने में कठिनाई हो रही है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार, समान श्रेणी के दो चयनित अभ्यर्थी आपसी सहमति से 10 और 11 अगस्त 2026 को टीआरसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इससे किसी अन्य अभ्यर्थी के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और अंतिम निर्णय आयुक्त द्वारा लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव: छिंदवाड़ा में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा में 1281 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की गई है और शेष अधिकारियों को सितंबर-अक्टूबर तक पदोन्नति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विभिन्न विभागों में नई भर्तियों की जानकारी दी, जिनमें पुलिस में 18,000 से अधिक और शिक्षकों के 10,000 से अधिक पद शामिल हैं। डॉ.

मध्य प्रदेश में 61 विभागों में 2306 पदों पर निकली भर्ती, MPESB ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने ग्रुप-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य के 61 विभागों में कुल 2,306 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिसमें पटवारी के 200 पद भी शामिल हैं। उम्मीदवार 18 अगस्त 2026 तक esb.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षाएं 22 सितंबर 2026 से दो पालियों में आयोजित होंगी। स्नातक डिग्री और कंप्यूटर ज्ञान या CPCT स्कोर कार्ड अनिवार्य है।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: आवेदन की तिथि बढ़ी, 674 पदों के लिए 15 अगस्त तक आवेदन

मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2025 के तीसरे चरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ा दी है। कुल 674 पदों के लिए अब तक 14000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभ्यर्थियों की मांग पर यह निर्णय लिया गया, जिससे लगभग 1000 अतिरिक्त आवेदन आने की उम्मीद है। परीक्षा 4 अक्टूबर को दो सत्रों में होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन और संबंधित विषय के प्रश्नपत्र शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रतिस्पर्धा कम रहेगी। आयोग का ध्यान वर्तमान में वर्ष 2024 की भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कारों को पूरा करने पर केंद्रित है।

एमपीईएसबी ने ग्रुप-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (एमपीईएसबी) ने ग्रुप-2 उपसमूह-4 संयुक्त भर्ती परीक्षा-2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके माध्यम से कुल 2306 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें 61 विभागों और संस्थाओं के 2106 पद तथा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पटवारी के 200 पद शामिल हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2026 है, और परीक्षा 22 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगी। स्नातक डिग्री और कंप्यूटर ज्ञान अनिवार्य है, जबकि पटवारी पद के लिए सीपीसीटी में छूट का प्रावधान है।

पदोन्नति में आरक्षण नियम निरस्ती को सरकार की सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसके कारण अधिकारियों-कर्मचारियों की पदोन्नति पर अनिश्चितता बनी हुई है। हाई कोर्ट जबलपुर ने पदोन्नति नियम-2002 को निरस्त किया था, जिसे सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और यह मामला अभी विचाराधीन है। मई 2016 से पदोन्नतियां बंद थीं, जिसके बाद सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत उच्च पद का प्रभार दिया। नए पदोन्नति नियम-2025 लागू होने के बाद जून से लगभग 60 हजार पदोन्नतियां हुई हैं, हालांकि हाई कोर्ट में इन नियमों पर सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले के शीघ्र निराकरण के लिए प्रयास करने को कहा है।

इंदौर: फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर EOW का छापा, आय से 108% अधिक संपत्ति मिली

इंदौर के एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने छापा मारा है। जांच में उनकी वैध आय से 108% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। उनकी वैध आय 1.11 करोड़ रुपये थी, जबकि संपत्तियों का मूल्य 2.13 करोड़ रुपये पाया गया। ईओडब्ल्यू ने छह अचल संपत्तियों का पता लगाया है, जिनमें मकान और प्लॉट शामिल हैं। राकेश गोरखे ने विभाग को अपनी संपत्तियों और अक्टूबर 2023 में की गई थाईलैंड यात्रा की सूचना नहीं दी थी।

पदोन्नति प्रक्रिया पर सवाल, हाईकोर्ट में नियम 2025 पर सुनवाई संभव

मध्य प्रदेश में 2016 के बाद शुरू हुई पदोन्नतियों पर सवाल उठ रहे हैं, जहां कुछ विभागों में केवल नोटिस के आधार पर पदोन्नतियां रोकी जा रही हैं और अनारक्षित पदों पर कार्रवाई नहीं हो रही। भारतीय पशु चिकित्सा परिषद ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से शिकायत की है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण की आड़ में पदोन्नति रोकने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच के निर्देश दिए हैं। पदोन्नति नियम 2025 को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई संभावित है।