कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। उन्होंने बताया कि यह याचिका कानून में निर्धारित 45 दिन की समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत की गई है और अधिवक्ता आर्यन गुप्ता उनकी ओर से पैरवी करेंगे। नटराजन को मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नौ जून को उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।
कानपुर के बहुचर्चित ज्योति श्यामदासानी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। उम्रकैद की सजा पाए पति पीयूष श्यामदासानी को अब तक सेंट्रल जेल नहीं भेजा गया है, जिस पर मृतका के पिता शंकर नागदेव ने जेल प्रशासन पर विशेष संरक्षण का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अन्य दोषियों को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है, जबकि पीयूष जिला जेल में ही है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि लंबित प्रकरणों के कारण पीयूष का स्थानांतरण नहीं किया गया है। यह मामला 2014 में हुई ज्योति की हत्या और 2022 में पीयूष को मिली उम्रकैद की सजा से जुड़ा है, जिसने एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।
जबलपुर हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने भर्ती अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 15 दिन में खोलने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश प्राप्त याचिकाकर्ताओं के लिए पोर्टल हर हाल में खोला जाए ताकि वे अपने आवेदन जमा कर सकें। पूर्व आदेशों के बावजूद पोर्टल न खुलने पर अदालत ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में पोर्टल नहीं खोला गया, तो अधिकारी एस. के. पांडेय को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अगली सुनवाई 10 अगस्त, 2026 को निर्धारित की गई है।