जबलपुर हाईकोर्ट ने सहायक ग्रेड-3 भर्ती में 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थी सत्येंद्र कुमार खरे को अंतरिम रूप से आवेदन करने की अनुमति दी है। यह राहत फिलहाल व्यक्तिगत याचिकाकर्ता तक सीमित है, जबकि ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट का मूल प्रश्न विचाराधीन है। याचिका में 1174 पदों पर होने वाली भर्ती में ईडब्ल्यूएस पुरुष अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित 40 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा को चुनौती दी गई है, जबकि एससी, एसटी और ओबीसी के लिए यह 45 वर्ष है। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और बीपी शर्मा की युगलपीठ ने यह आदेश लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया। याचिका में कोरोनाकाल में निजी अस्पतालों को नियमों की अनदेखी कर अनुमति देने और लाइसेंस जारी करने में लापरवाही का आरोप है। याचिका लंबित रहते अगस्त 2022 में न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका को भी जिम्मेदार पाया गया था। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने दतिया मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पद पर चयनित विजी अवस्थी की नियुक्ति को ओवरएज होने के कारण निरस्त कर दिया है। डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए उनकी रिट अपील खारिज की। कटऑफ डेट 1 जनवरी 2019 को विजी अवस्थी की आयु 46 साल 9 महीने 4 दिन थी, जबकि महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित है। इस फैसले के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला प्रसाद इकाई में एफएसएसएआई जांच के दौरान पाई गई सफाई, स्वच्छता और स्टोरेज संबंधी कमियों पर कड़ा रुख अपनाया है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने कोर्ट को इन कमियों को दूर करने और आवश्यक मानकों को प्राप्त करने का आश्वासन दिया है। एफएसएसएआई रिपोर्ट में इकाई को 182 में से 91 अंक मिले थे और इसे नियमों का पालन न करने वाला बताया गया था। हाईकोर्ट ने सुधार के साथ-साथ एक पूरी तरह कार्यात्मक खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित करने और नियमित जांच के निर्देश भी दिए हैं। टीडीबी ने एफएसएसएआई के साथ और बैठकें करने की बात कही है।
जबलपुर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना के मामले में राज्य सरकार को चार सप्ताह का अंतिम समय दिया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 70 हजार शिक्षकों को वरिष्ठता, मासिक वेतन में 15 से 20 हजार रुपये की वृद्धि और 10 साल तक का एरियर (प्रति शिक्षक 7-8 लाख रुपये) सहित वित्तीय लाभ मिलने की उम्मीद है। उच्चतम न्यायालय द्वारा राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका खारिज किए जाने के बाद उच्च न्यायालय ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मोहलत दी है। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में तय है।
उज्जैन में कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक मार्ग चौड़ीकरण हेतु शाही मस्जिद का लगभग 10 फीट बाधक हिस्सा हटाया जा रहा है। सोमवार को प्रशासन से बातचीत के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वयं यह कार्रवाई की। इस दौरान विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी हुई, जिसमें पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। पथराव में क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल घायल हो गईं। यह कार्रवाई उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत सिंहस्थ 2028 के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
राज्य सरकार ने जबलपुर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और मॉनिटरिंग के लिए हाईकोर्ट के समक्ष पांच विशेषज्ञों के नाम प्रस्तावित किए हैं, हालांकि इन्हें अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य शहरों में भी ट्रैफिक सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जा सकती है। याचिका में जबलपुर में ट्रैफिक सिग्नल, जाम और अतिक्रमण की गंभीर समस्या का उल्लेख है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सिंहस्थ मेले के लिए नए घाटों के निर्माण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। प्राकृतिक चट्टानों और सदियों पुराने प्राचीन घाटों को तोड़े जाने से कई लोग नाराज हैं। इंदौर के कुछ वकील इस मामले को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में संभागायुक्त भास्कर लक्षकार को ज्ञापन भी दिया गया है, जिसमें निर्माण कार्यों की जांच और उन पर रोक लगाने की मांग की गई है। वकीलों का कहना है कि यह ओंकारेश्वर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को प्रभावित कर सकता है।
महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में दावा किया है कि राज्य शहरी नक्सलियों का प्रमुख केंद्र बन गया है। सरकार ने बताया कि देश में सर्वाधिक 64 सक्रिय शहरी नक्सली संगठन महाराष्ट्र में सक्रिय हैं। यह हलफनामा कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सामाजिक संस्थाओं द्वारा महाराष्ट्र विशेष सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 2024 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है।
हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार को संबंधित रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त को तय की गई है। लाॅ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें 695 में से 156 कॉलेज सूटेबल पाए गए थे। बाद में 89 और कॉलेज कमियां दूर कर सूटेबल श्रेणी में आए।