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2026-10-17

श्योपुर: मध्यान्ह भोजन विवाद में प्रधानाध्यापक को चप्पल से पीटा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, श्योपुर।

श्योपुर जिले के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। ड्यूटी के समय कुछ शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल का माहौल बिगाड़ रहे हैं, जबकि कुछ शिक्षिकाएं मोबाइल पर समय बिताती नजर आती हैं। कई स्कूलों पर ताले लगे रहते हैं और शिक्षक नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर घर बैठे हाजिरी लगा देते हैं। इन घटनाओं के बीच, दो नए मामले सामने आए हैं जिनमें एक प्रधानाध्यापक की चप्पल से पिटाई की गई और दूसरे स्कूल में एक शिक्षक ड्यूटी के समय सोते हुए मिले। दोनों मामलों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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प्रधानाध्यापक पर चप्पल से हमला

शासकीय माध्यमिक उर्दू गांधी विद्यालय में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर चल रहा विवाद अब मारपीट तक पहुंच गया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक कमलजीत सिंह सिसोदिया के साथ स्कूल में मध्यान्ह भोजन देने वाले स्वसहायिता समूह की महिला अध्यक्ष नशीर बानो ने चप्पल से मारपीट की। शुक्रवार को पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला प्रधानाध्यापक को चप्पल से मारती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है।

विवाद का कारण और पूर्व शिकायतें

विद्यालय में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। प्रधानाध्यापक कमलजीत सिंह सिसोदिया ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। इसके बाद समूह का संचालन करने वाली महिला नशीर बानो ने एक वीडियो बनाकर प्रधानाध्यापक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।

विभागीय निष्क्रियता पर सवाल

मध्यान्ह भोजन को लेकर पहले से शिकायतें होने के बावजूद, समय रहते विभागीय स्तर पर इस मामले का निराकरण नहीं किया गया। यदि शिकायतों की जांच कर दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान कराया जाता तो यह मामला मारपीट तक पहुंचने से रोका जा सकता था। अब घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ड्यूटी पर सोते मिले शिक्षक

जिले के सोंठवा शासकीय माध्यमिक विद्यालय का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के प्रभारी लज्जाराम शर्मा ड्यूटी समय में दरी बिछाकर आराम से सोते हुए नजर आ रहे हैं। बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल में नींद लेने वाले इस शिक्षक ने सरकारी स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

अन्य अव्यवस्थाओं के मामले

इससे पहले भी टर्राकलां संकुल क्षेत्र के एक विद्यालय में पदस्थ एक शिक्षक ड्यूटी समय में शराब के नशे में धुत्त मिला था। स्कूल के निरीक्षण के दौरान एसडीएम गगनसिंह मीणा को एक शिक्षिका और उसका पति ड्यूटी समय में मोबाइल चलाते हुए मिले थे। अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक देरी से पहुंचते हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी की निगरानी पर प्रश्न

स्कूलों की मॉनिटरिंग में जिला शिक्षा अधिकारी असफल प्रतीत हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की है। लगातार सामने आ रहे वीडियो और शिकायतों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि स्कूलों का नियमित निरीक्षण कितना हो रहा है। स्कूलों के हालातों से यह स्पष्ट है कि जिला शिक्षा अधिकारी धरातल पर मॉनिटरिंग करने के बजाय कार्यालय में बैठकर जिलेभर की निगरानी कर रहे हैं। यही कारण है कि स्कूलों में इस तरह की अव्यवस्थाएं स्कूल से निकलकर सोशल मीडिया तक पहुंच रही हैं और व्यापक रूप से वायरल हो रही हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क का प्रयास

जिला शिक्षा अधिकारी यश जैन को उनके मोबाइल नंबर 8839737004 पर दो बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने अपना फोन रिसीव नहीं किया।