मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था बायोमेट्रिक या चेहरे की पहचान पर आधारित नहीं होगी, बल्कि कक्षा शिक्षक शिक्षा पोर्टल 3.0 पर छात्रों की उपस्थिति दर्ज करेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग का उद्देश्य उच्च स्तर पर विद्यार्थियों के अध्ययन की नियमित निगरानी करना है। कम उपस्थिति वाले छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं और शैक्षणिक सहायता की योजना बनाई जाएगी। यह प्रणाली शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति से भिन्न होगी और पूर्व में प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में किए गए ऐसे ही एक प्रयोग के बाद शुरू की जा रही है।
विदिशा जिला शिक्षा विभाग में खेल शिक्षक निशांक जैन की नियुक्ति में अनियमितता सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने 29 जुलाई को निर्धारित समय पर कार्यभार ग्रहण न करने के कारण उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी। हालांकि, अगले ही दिन 30 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही विकासखंड शिक्षा अधिकारी अलका बागड़ी ने उन्हें पुनः नियुक्त करते हुए सतपाड़ा सराय के बजाय हायर सेकेंडरी स्कूल शेरपुरा में पदस्थ कर दिया। प्रभारी अधिकारी द्वारा नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी अहिरवार ने पुनर्नियुक्ति की जांच कराने की बात कही है।
मुरैना में जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया के औचक निरीक्षण के दौरान पहाड़गढ़ ब्लॉक के पोखर का पुरा प्राइमरी स्कूल में हेडमास्टर अमरलाल रावत ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। बच्चों को ₹4500 मासिक मेहनताने पर रखी प्रीति रावत नामक युवती पढ़ा रही थी। हेडमास्टर ₹65,000 मासिक वेतन ले रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है। दो जनशिक्षकों को भी तलब किया गया है। अन्य स्कूलों में भी कम छात्र उपस्थिति और आवश्यक दस्तावेजों की कमी पाई गई, जिस पर संस्था प्रभारियों की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जा रही है।
भोपाल में शासकीय सांदीपनि ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने कुल्होर चौराहे पर एक बस को रोककर प्रदर्शन किया। यह विरोध बस के निर्धारित स्टॉप पर रोजाना न रुकने के कारण हुआ, जिससे छात्रों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इसी विद्यालय के लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद यह घटना हुई, जहां उन्होंने नई पीढ़ी को ‘जेन-अल्फा’ बताया था। प्रदर्शन की सूचना पर प्राचार्य मौके पर पहुंचे और बस संचालन में सुधार का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के आवदा कस्बे में स्थित सांई पब्लिक स्कूल में बच्चों को शटरिंग लगे निर्माणाधीन कमरे में बांस-बल्लियों के बीच पढ़ाया जा रहा है। इस खतरनाक लापरवाही का वीडियो वायरल होने के बाद NSUI ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए हैं। NSUI ने बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले इस स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द करने की मांग की है। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत सीईओ सौम्या आनंद ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। नए नियमों के अनुसार, अब इन शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की भांति एक शिक्षा सत्र में कुल 10 आकस्मिक अवकाश (सीएल) मिलेंगे। पहले अतिथि शिक्षकों को कोई वैधानिक आकस्मिक अवकाश सुविधा नहीं मिलती थी, जिससे उन्हें अवकाश लेने पर मानदेय कटौती या अनुपस्थिति का सामना करना पड़ता था। यह निर्णय शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा और उन्हें कार्य के दौरान मानसिक व सामाजिक जरूरतों के लिए वैधानिक अवकाश का लाभ प्रदान करेगा।