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2026-10-17

त्विषा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला और बेटे समर्थ पर उसी अदालत में चलेगा केस जिसने दी थी अग्रिम जमानत

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में आरोपी पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने मामले को अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि इसी अदालत से गिरिबाला सिंह को त्विषा की मौत के दूसरे दिन अग्रिम जमानत मिली थी। हालांकि, बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उस जमानत आदेश को रद्द कर दिया था।

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दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए 16 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 17 अगस्त को गिरिबाला सिंह और त्विषा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ भोपाल की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

दोनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

यह अपराध सत्र न्यायालय में विचारणीय होने के कारण केस की फाइल जिला एवं सत्र प्रधान न्यायाधीश के पास भेजी गई थी, जिसके बाद इसे अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में स्थानांतरित किया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंतर

सीबीआई की आरोप पत्र में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी शामिल किया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा के शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले।

वहीं, इससे पहले एम्स भोपाल की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत से पहले शरीर पर छह चोटों के निशान दर्ज किए गए थे।

जमानत को लेकर पूर्व में भी बदली थीं अदालतें

गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनकी नियमित जमानत अर्जी पर भोपाल जिला अदालत में लगातार तीन दिनों तक सुनवाई नहीं हो सकी थी।

बताया गया कि मामला अलग-अलग अदालतों में भेजे जाने के बाद संबंधित न्यायाधीशों ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इसका कारण बताया कि वे पहले गिरिबाला सिंह के अधीनस्थ या उनके सहकर्मी के रूप में काम कर चुके हैं।

बाद में मामला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रामप्रताप मिश्रा की अदालत में पहुंचा, जहां उनकी पहली नियमित जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।

केस उसी अदालत में स्थानांतरित होने के बाद त्विषा के परिजनों और उनके वकीलों में नाराजगी बढ़ गई है। परिजनों ने भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका जताते हुए मामले को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।

गिरिबाला सिंह की नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भी सुनवाई नहीं हो सकी।

दैनिक कार्यसूची में जमानत आवेदन का नंबर काफी पीछे होने के कारण उपलब्ध समय में मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। अब जमानत याचिका पर आने वाले दिनों में सुनवाई होने की संभावना है।