शहडोल के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती की आत्महत्या के बाद तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों ने गांव के एक युवक पर आरोप लगाते हुए युवती के शव को सड़क पर रखकर दो घंटे तक चक्का जाम किया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराकर जाम खुलवाया। समझाइश के बाद पुलिस ने मर्ग जांच, घटनास्थल के तथ्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर संबंधित युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
मध्य प्रदेश में दुष्कर्म के लगभग 10 से 15 प्रतिशत मामलों में पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं का गलत प्रयोग किया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) की एक समीक्षा टीम ने अपनी दैनिक जांच में इस लापरवाही का खुलासा किया है। पोक्सो मामलों में आयु के अनुरूप धाराएं न लगाना, शादी के झांसे से जुड़े मामलों में गलत धाराएं, मानसिक विक्षिप्त और गर्भवती नाबालिग पीड़ितों से संबंधित धाराओं का समावेश न करना जैसी प्रमुख गलतियां सामने आई हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि विवेचना के दौरान सुधार किए जा रहे हैं और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।