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2026-10-17

उमरिया: हर्ष फायरिंग मामले में नौ महीने बाद FIR दर्ज, दो आरोपी नामजद

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उमरिया।

उमरिया में वन विकास निगम की तत्कालीन प्रभारी एसडीओ सुचिता मेश्राम के शासकीय बंगले में हुए हर्ष फायरिंग मामले में लगभग नौ महीने बाद पुलिस ने प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। यह घटना 27 नवंबर 2025 की रात की बताई जा रही है।

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पुलिस ने अमानगंज, पन्ना निवासी सत्येंद्र शुक्ला और महाराजपुर, मंडला निवासी अतुल बाजपेई के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय बागवानी और एसडीओपी पीएल परस्ते के निर्देशन में की गई।

जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर की रात वन विकास निगम के बंगले में जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसके दौरान कई राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई थी। फायरिंग का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बावजूद लंबे समय तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर सवाल उठते रहे थे।

घटना के समय सुचिता मेश्राम वन विकास निगम में प्रभारी एसडीओ के पद पर पदस्थ थीं। बाद में उनके पदोन्नत होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि फायरिंग किस हथियार से की गई, कितने राउंड फायर हुए और समारोह में मौजूद अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। पुलिस वायरल वीडियो, घटनास्थल, कार्यक्रम में मौजूद लोगों तथा फायरिंग में इस्तेमाल हथियार से संबंधित साक्ष्यों की जांच कर सकती है।

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर यह चर्चा रही कि आरोपितों की पहुंच और प्रभाव के कारण कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि, इस संबंध में स्थिति पुलिस की जांच और एफआईआर में दर्ज तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। सत्येंद्र शुक्ला को लेकर यह आरोप भी लगाए जाते रहे हैं कि वन विकास निगम के कार्यों में उसका हस्तक्षेप रहता है तथा उसके कुछ वन अधिकारियों से करीबी संबंध हैं। स्थानीय स्तर पर उसके क्षेत्र के रेत कारोबार से जुड़े लोगों से संबंध होने की बातें भी सामने आई हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

करीब नौ महीने बाद हुई इस कार्रवाई के बाद अब यह महत्वपूर्ण होगा कि जांच में फायरिंग के कारण, हथियार की वैधता और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।