बुलंद सोच, भोपाल।

फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनवाने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दो और आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इनमें एक कैफे संचालक और दूसरा मुख्य आरोपी रियाल चौधरी का केयर टेकर रहा है।
इससे पहले, मुख्य आरोपी रियाल चौधरी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ इन सभी से पूछताछ कर रही है।
अभी तक भोपाल के अन्नानगर बौद्ध मठ से बने 40 सहित पांच जिलों से कुल 70 फर्जी पासपोर्ट मिल चुके हैं। एसटीएफ का अनुमान है कि ऐसे पासपोर्ट की संख्या 200 तक हो सकती है।
अन्नानगर मठ के आसपास रहने वाले लोगों ने एसटीएफ को बताया है कि रियाल चौधरी लगभग डेढ़ वर्ष से वहां रह रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं और वह अपना अधिकांश समय मोबाइल फोन पर बात करने में बिताता था। वह आसपास के लोगों से बहुत कम घुलता-मिलता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि रियाल ने विभिन्न गतिविधियों और बच्चों की मदद के नाम पर चंदा भी इकट्ठा किया था। यह राशि पांच हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक थी।
एसटीएफ संभावित विदेशी फंडिंग की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही, एसटीएफ पासपोर्ट बनाने से पहले उनका सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेगी, क्योंकि 10 से अधिक पुलिसकर्मियों ने सत्यापन कर इन पासपोर्ट को हरी झंडी दी थी।
मध्य प्रदेश एसटीएफ ने इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सात राज्यों में डेरा डाला हुआ है और ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। इस सिंडिकेट के तार ग्वालियर और भोपाल से जुड़े हैं।

