बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने राज्य सरकार को नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को निर्धारित की गई है।
जनहित याचिका और आरोप
लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने वर्ष 2022 में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका में कोरोनाकाल के दौरान नियमों की अनदेखी करते हुए निजी अस्पतालों को संचालन की अनुमति दिए जाने को चुनौती दी गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि कई अस्पतालों को लाइसेंस जारी करते समय नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सेफ्टी, बिल्डिंग कंप्लीशन सर्टिफिकेट, अग्निशामक वाहनों के लिए छह मीटर खुला क्षेत्र और पार्किंग जैसी अनिवार्यताओं की जांच नहीं की गई थी।
न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड
याचिका लंबित रहने के दौरान अगस्त 2022 में जबलपुर के न्यू लाइफ अस्पताल में एक अग्निकांड हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। याचिका के अनुसार, अस्पताल में आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई थी। शासन की एक उच्चस्तरीय जांच समिति ने इस अग्निकांड में तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका को भी जिम्मेदार पाया था। याचिकाकर्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
पूर्व और वर्तमान निर्देश
पूर्व सुनवाई में युगलपीठ ने अग्निकांड की जांच समिति की रिपोर्ट पुलिस को सौंपने के निर्देश दिए थे। अब न्यायालय ने नियम विरुद्ध अस्पतालों के खिलाफ हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

