मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक विपक्ष के भारी हंगामे और कांग्रेस के विरोध के बीच बहुमत से पारित हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में विधेयक पर वक्तव्य देते हुए विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया और कहा कि 93% नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है। इस विधेयक के तहत सभी विवाहों का सरकारी पंजीयन अनिवार्य होगा और बहुविवाह पर प्रतिबंध लगेगा। मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का चौथा प्रमुख राज्य बन गया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में उपमहाधिवक्ता सुदीप भार्गव ने आरोप लगाया है कि आपराधिक मामलों में उनके द्वारा तैयार और हस्ताक्षरित जवाब उनकी जानकारी के बिना बदल दिए गए और कोर्ट में पेश किए गए। उन्होंने महाधिवक्ता को लिखित शिकायत कर जांच की मांग की है। भार्गव के अनुसार, सीआरए नंबर 5209/2024 के एक मामले में उनके द्वारा तैयार जवाब का पैरा चार बदल दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह पहली घटना नहीं है, और पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें शासकीय अधिवक्ताओं की स्वीकृति के बिना जवाब प्रस्तुत किए गए।
मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 पारित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे प्रदेश के इतिहास का ऐतिहासिक दिन बताया, कहा कि यह कानून समानता, सामाजिक न्याय और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करेगा। विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यूसीसी लागू होने पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होगी, जिसमें एक से अधिक विवाह को अपराध माना जाएगा और महिलाओं को उत्तराधिकार में पुरुषों के समान अधिकार मिलेंगे। मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूसीसी पारित करने वाला चौथा राज्य बन गया है। कानून में लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच मोहन यादव सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कराया। यूसीसी लागू होने के बाद विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और महिलाओं-बच्चों के अधिकारों से जुड़े नए प्रावधान लागू होंगे। इसमें बेटे-बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे, और लिव-इन संबंधों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा, जिसका उल्लंघन करने पर जुर्माना या जेल हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधेयक को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का कानून बताया और दावा किया कि 93% नागरिकों ने इसका समर्थन किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को आत्मसमर्पण करने का निर्देश देने के संकेत दिए हैं। मेघालय सरकार ने सोनम की जमानत को चुनौती दी है, जिसे निचली अदालत ने गिरफ्तारी के आधार न बताए जाने पर दिया था और हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था। सरकार का दावा है कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे, लेकिन एक टाइपिंग त्रुटि के कारण गलत धारा का उल्लेख हो गया था। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित है।