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नीति आयोग ने जारी किया इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स, 2030 तक 30% ईवी बिक्री का लक्ष्य

नीति आयोग ने इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इन इंडिया: 200 अरब डॉलर का अवसर’ रिपोर्ट जारी की है। इसका उद्देश्य राज्यों की ईवी तैयारियों का आकलन करना, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाना और बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देना है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक नई वाहन बिक्री में 30% ईवी हिस्सेदारी का लक्ष्य रखता है। ईवी क्षेत्र से अगले कुछ वर्षों में 200 अरब डॉलर का आर्थिक अवसर और लाखों नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है। जुलाई 2026 में कुल वाहन खुदरा बिक्री 25.89% बढ़कर 25,91,138 इकाई हो गई, जिसमें यात्री कारों की बिक्री 19.1% बढ़ी।

एमपी हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट में कट-पेस्ट की गलती पर 20 प्रतिशत रिपोर्टों की जांच के आदेश दिए

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्टों में कट-पेस्ट के कारण गलत नाम दर्ज होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए, भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की पिछले पांच वर्षों की 20 प्रतिशत डीएनए और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों की रैंडम जांच के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने मुख्य सचिव को सात दिन में प्रदेश के बाहर के तीन वैज्ञानिक अधिकारियों की स्वतंत्र समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जिसे छह महीने में जांच पूरी करनी होगी। एफएसएल प्रभारी निदेशक ने गलती की संभावना स्वीकार की है।

मध्य प्रदेश में 913 किमी सड़कें और 104 जनजातीय छात्रावास निर्माण शून्य

केंद्र सरकार की ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश को सर्वाधिक 308.65 करोड़ रुपये की निधि आवंटित की गई है। संसदीय रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने नल-जल, ग्रामीण आवास, बिजली और एलपीजी वितरण में अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसमें रसोई गैस कनेक्शन वितरण में यह देश में प्रथम स्थान पर है। हालांकि, सड़क निर्माण और जनजातीय छात्रावासों के निर्माण में मध्य प्रदेश की प्रगति शून्य रही है। राज्य में 913 किलोमीटर सड़कें और 104 छात्रावास स्वीकृत होने के बावजूद कोई कार्य पूरा नहीं हुआ है। मोबाइल नेटवर्क कवरेज में भी धीमी प्रगति दर्ज की गई है।

ट्राई रिपोर्ट: भोपाल में रिलायंस जियो का नेटवर्क सर्वश्रेष्ठ, बीएसएनएल सबसे पीछे

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की जून 2026 की स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में मोबाइल नेटवर्क गुणवत्ता में रिलायंस जियो ने अधिकांश मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि सरकारी कंपनी बीएसएनएल सबसे कमजोर स्थिति में रही। परीक्षण के दौरान जियो ने औसत डाउनलोड स्पीड 291.53 एमबीपीएस और अपलोड स्पीड 34.92 एमबीपीएस दर्ज की, जो अन्य कंपनियों से कहीं अधिक थी। कॉल ड्रॉप, नेटवर्क कवरेज और आवाज की गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण मानदंडों पर भी बीएसएनएल ने सबसे खराब प्रदर्शन किया, जबकि निजी कंपनियों ने बेहतर सेवाएँ प्रदान कीं।