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केंद्र सरकार का प्रस्ताव: फ्लूपेंरिक्सोल, जोपिक्लोन सहित चार दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी

केंद्र सरकार ने फ्लूपेंरिक्सोल, जोपिक्लोन, गैबापेंटिन और कैरिसोप्रोडोल को दवा नियमों की अनुसूची एच1 में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार इस प्रस्ताव के अनुसार, मंजूरी के बाद ये दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी। इनकी बिक्री और रिकॉर्ड रखने के नियम सख्त होंगे, जिसमें मरीज, डॉक्टर और दवा की जानकारी दर्ज करनी होगी। यह कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल और नशे के रूप में इनके प्रयोग पर निगरानी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि ये दवाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती हैं।

केंद्र ने मेट्रो स्टेशन नामकरण नियम शिथिल किए, राज्यों को मिली शक्तियां

केंद्र सरकार ने मेट्रो स्टेशन के नामकरण संबंधी नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब राज्य सरकारों को अपने शहरों में मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का अधिकार मिल गया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इंदौर मेट्रो के एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी। पहले केंद्र की अनुमति के बिना गजट नोटिफिकेशन में दर्ज नाम नहीं बदले जा सकते थे। इस बदलाव से इंदौर के जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकेगी, जिसमें बापट चौराहे स्टेशन का नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय और गांधी नगर सहित अन्य स्टेशनों का नाम वीरांगनाओं के नाम पर रखने का सुझाव शामिल है।

जबलपुर हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश

जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और बीपी शर्मा की युगलपीठ ने यह आदेश लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया। याचिका में कोरोनाकाल में निजी अस्पतालों को नियमों की अनदेखी कर अनुमति देने और लाइसेंस जारी करने में लापरवाही का आरोप है। याचिका लंबित रहते अगस्त 2022 में न्यू लाइफ अस्पताल अग्निकांड में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका को भी जिम्मेदार पाया गया था। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

रीवा कलेक्टर ने कार्यक्रम में पहुंचे जिस बस में सफर किया, उसे ही बिना फिटनेस-परमिट के सीज करवाया

रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने गुढ़ में ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास’ कार्यक्रम में जिस बस से पहुंचे थे, उसे ही सीज करवा दिया। तिवारी बस सर्विस की इस बस में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और बीमा के कागजात नहीं थे, और उसकी स्थिति भी खराब थी। कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने परिवहन विभाग और एसडीएम से जांच करवाई। अनियमितता की पुष्टि होने पर बस को जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया गया और आरटीओ को फिटनेस रद्द करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी बस संचालकों को नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी है।

भोपाल मास्टर प्लान 2047 के ड्राफ्ट में आवासीय क्षेत्रों में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को नियमित करने का रास्ता

भोपाल मास्टर प्लान 2047 के नए ड्राफ्ट में आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को शर्तों के साथ नियमित करने का प्रस्ताव है। धारा 15.38.1 के तहत, मास्टर प्लान प्रारूप के प्रकाशन से पहले से संचालित, व्यावसायिक दर पर संपत्ति कर जमा करने वाले और कमर्शियल बिजली कनेक्शन वाले प्रतिष्ठानों को वैध किया जा सकेगा। यह 1995 के मास्टर प्लान के विपरीत है, जिसमें ऐसी गतिविधियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान था। विशेषज्ञों ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बावजूद इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए हैं, खासकर अनधिकृत कॉलोनियों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को छूट नहीं मिलेगी।

एमपीपीएससी राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा जबलपुर के शासकीय मानकुंवर बाई महिला महाविद्यालय में 8 से 13 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रवेश से 90 मिनट पहले पहुंचना, बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटो पहचान का मिलान और फ्रिस्किंग शामिल है। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला अधिकारियों द्वारा अलग कक्ष में होगी। केवल ब्लैक पेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र ले जाने की अनुमति है। रीतेश दुबे को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो प्रश्नपत्रों के सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

जबलपुर में यात्री किराया 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ेगा

जबलपुर और आसपास के उपनगरीय मार्गों पर यात्री किराए में 20 से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। परिवहन विभाग की नई दरों के अनुसार, सामान्य बसों में न्यूनतम किराया 7 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो जाएगा, जबकि पांच किलोमीटर से अधिक दूरी पर प्रति किलोमीटर दर 1.25 रुपये से बढ़कर 2 रुपये होगी। इन संशोधित दरों से जबलपुर से पनागर, भेड़ाघाट, मझौली और अन्य 18 अधिसूचित मार्गों पर यात्रा महंगी हो जाएगी। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रिंकू शर्मा के अनुसार, सभी बस संचालकों को नए गजट नोटिफिकेशन के तहत संशोधित किराया लागू करना होगा, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी।

मध्य प्रदेश की अनियंत्रित हवाई पट्टियां होंगी सुरक्षित, विमानन विभाग ने जिलों से डेटा मांगा

मध्य प्रदेश सरकार ने महाराष्ट्र के बारामती में जनवरी 2026 में हुए विमान हादसे से सबक लेते हुए प्रदेश की अनियंत्रित हवाई पट्टियों को सुरक्षित करने की पहल की है। इस हादसे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का निधन हो गया था। विमानन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर ऐसी हवाई पट्टियों और एरोड्रम का डेटा मांगा है तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। जिलों से प्राप्त जानकारी भोपाल भेजी जा रही है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों का आकलन करना और खराब मौसम में आवश्यक उपायों को सुनिश्चित करना है।

मप्र निजी स्कूलों के लिए नए नियम लागू: बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य, गलत जानकारी पर मान्यता रद्द और जुर्माना

राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश के निजी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों की मान्यता संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए नियमों के तहत, फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी के आधार पर मान्यता प्राप्त करने वाले स्कूलों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। साथ ही, शिक्षकों के लिए बायोमैट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। पर्याप्त बुनियादी ढांचा और सुरक्षा व्यवस्था वाले स्कूलों को दो पालियों में संचालित करने की अनुमति मिलेगी। विज्ञान प्रयोगशालाओं को लेकर भी नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इन नियमों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।

मध्य प्रदेश राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार: 90% ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य

मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कारों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नई शर्तें लागू की हैं। इन पुरस्कारों के लिए आवेदन करने हेतु शिक्षकों को 90 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा, जो शिक्षा पोर्टल-3.0 पर ऐप के माध्यम से होनी चाहिए। उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों को तभी मौका मिलेगा जब उनके स्कूलों का पांच साल का परिणाम 80 प्रतिशत से अधिक रहा हो। कुल 110 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा, और आवेदन की अंतिम तिथि 10 अगस्त है। ट्यूशन पढ़ाने वाले, सेवानिवृत्त और निजी स्कूलों के शिक्षक पात्र नहीं होंगे। मूल्यांकन में परीक्षा परिणाम और अन्य योगदानों के लिए अंक निर्धारित हैं।