बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना की गति में बाधा आ रही है। निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होने के बावजूद, मेट्रो के मार्ग में खड़ी प्रमुख बाधाएं अभी तक दूर नहीं हो पाई हैं। इससे परियोजना को 2028 तक पूरा करने की प्रस्तावित समयसीमा पर चिंता बढ़ गई है।
एम्स-करोंद कॉरिडोर में आरा मशीनों की शिफ्टिंग का मामला अटका हुआ है। इसके अतिरिक्त, अंडरग्राउंड कॉरिडोर का बड़ा बाग एग्जिट प्वाइंट जमीन और कब्रिस्तान से जुड़े विवाद में उलझ गया है।
प्रशासनिक स्तर पर बैठकों और निरीक्षणों का दौर जारी है। हालांकि, मौके पर जमीन खाली कराने और विवाद खत्म करने की कार्रवाई अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाई है।
आरा मशीनों की शिफ्टिंग में चुनौती
एम्स से करोंद तक 14.99 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूट में एम्स से सुभाष नगर तक 6.22 किलोमीटर हिस्से पर कमर्शियल रन शुरू हो चुका है। सुभाष नगर से करोंद तक 8.77 किलोमीटर हिस्से में निर्माण कार्य जारी है। आरा मशीनों की शिफ्टिंग इसी 8.77 किलोमीटर हिस्से में एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
शहर में कुल 108 आरा मशीनें हैं। पहले चरण में 40 मशीनों को छोटा रातीबड़ में स्थानांतरित किया जाना है। इसके लिए वहां सड़क और प्लॉट विकसित किए गए हैं। मेट्रो प्रशासन इस कार्य के लिए 5.50 करोड़ रुपये भी दे चुका है, लेकिन शिफ्टिंग की प्रक्रिया को अभी तक निर्णायक गति नहीं मिल पाई है।
बड़ा बाग भूमि विवाद
अंडरग्राउंड कॉरिडोर में बड़ा बाग क्षेत्र दूसरी बड़ी चुनौती बन गया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, नादरा स्टेशन के बाद ट्रेन को बड़ा बाग के पास भूमिगत ट्रैक से बाहर लाने के लिए एक एग्जिट प्वाइंट प्रस्तावित है।
हालांकि, संबंधित जमीन अब तक मेट्रो को उपलब्ध नहीं हो सकी है। मुस्लिम पक्ष इसे शाही कब्रिस्तान बताते हुए 24 से 30 मीटर की गहराई तक खोदाई का विरोध कर रहा है। कब्रों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
कब्रों को नुकसान की आशंका जताए जाने के बाद प्रशासन ने जियोलाजिकल सर्वे शुरू कराया है।
अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट पर प्रतिदिन 22 लाख रुपये का खर्च आ रहा है।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार, मेट्रो के लिए जमीन खाली करवाने की कार्रवाई निरंतर जारी है और आरा मशीनें भी जल्द शिफ्ट होंगी। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ा बाग मामले को सुलझाने के लिए राजस्व टीमें निरीक्षण कर रही हैं, जिसका जल्द से जल्द हल निकाल लिया जाएगा।

