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इंदौर के रेडिसन चौराहे पर चार लेन फ्लाईओवर का प्रस्ताव

इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ने रेडिसन चौराहे पर यातायात जाम से राहत के लिए फ्लाईओवर निर्माण का फिजिबिलिटी अध्ययन पूरा कर लिया है। अध्ययन में एमआर-10 के समानांतर रेडिसन होटल की ओर चार लेन फ्लाईओवर को सबसे उपयुक्त पाया गया है। इस चौराहे से प्रतिदिन 1.78 लाख वाहन गुजरते हैं और भविष्य में यातायात में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमान है। अन्य विकल्पों में मेट्रो लाइन और सीवर पाइपलाइन जैसी बाधाएं थीं। अंतिम निर्णय सड़क सुरक्षा समिति लेगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

इंदौर से गुजरात-राजस्थान की बसें अब कुमेड़ी आईएसबीटी से चलेंगी

इंदौर से गुजरात और राजस्थान जाने वाली बसें अब कुमेड़ी में बने इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) से संचालित होंगी, जिसे अगस्त में शुरू करने की तैयारी है। प्रारंभिक चरण में 50 बसें चलेंगी, जिसके बाद अन्य बसें भी स्थानांतरित की जाएंगी। 14 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस टर्मिनल की क्षमता 1500 बसों और 50 हजार से अधिक यात्रियों की है। यह इंदौर को पड़ोसी राज्यों से जोड़ेगा और भविष्य में मेट्रो रेल से भी जुड़ेगा। टर्मिनल पर रेस्टोरेंट, दुकानें, लिफ्ट, लॉकर और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी, साथ ही स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एमआर-10 ब्रिज के पास एक नया रेलवे स्टेशन भी बनेगा।

भोपाल मेट्रो अंडरग्राउंड रूट पर दोनों टीबीएम ने 260 मीटर सुरंग बनाई

भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट पर दो टनल बोरिंग मशीनों (टीबीएम) ने अब तक 260 मीटर सुरंग का निर्माण कर लिया है। यह रूट भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड के नीचे से गुजर रहा है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य अगले डेढ़ से दो साल में पूरा हो जाएगा। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से भूमिगत कॉरिडोर बनाया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार ऐसी दो टीबीएम मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो जमीन से लगभग 60 फीट नीचे सुरंगें बना रही हैं। सुरक्षा उपायों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

इंदौर में भूमिगत मेट्रो सुरंग निर्माण शीघ्र, ‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’ टीबीएम बनाएंगी सुरंग

इंदौर में भूमिगत मेट्रो सुरंगों का निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। ‘क्षिप्रा’ और ‘नर्मदा’ नामक दो टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) एयरपोर्ट से बीएसएफ परिसर के बीच 22 मीटर गहराई में सुरंगें बनाएंगी। पहली टीबीएम इंदौर पहुंच चुकी है और इसे अगले 10 दिन में उतारा जाएगा। मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इंदौर मेट्रो की येलो लाइन 31.76 किमी लंबी है, जिसमें 12.72 किमी हिस्सा भूमिगत है। सतह पर स्थित भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक उपाय किए जा रहे हैं।

भोपाल मेट्रो: रविवार-छुट्टियों में हर 15 मिनट पर मिलेगी ट्रेन, संचालन समय एक घंटा बढ़ा

भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड ने रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में सेवाओं का विस्तार किया है। अब इन दिनों हर 15 मिनट पर ट्रेन मिलेगी और संचालन समय में एक घंटे की बढ़ोतरी की गई है। सुभाष नगर से एम्स के लिए अंतिम मेट्रो 7:30 बजे और एम्स से सुभाष नगर के लिए 8 बजे रवाना होगी। सामान्य दिनों में पीक आवर्स में 15 मिनट पर ट्रेन मिलेगी। अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू हो चुकी है। मेट्रो प्रशासन रिटर्न टिकट पर 5%, ग्रुप टिकट पर 10% छूट और ऐप ई-वॉलेट रीचार्ज पर 8-15% बोनस दे रहा है।

इंदौर मेट्रो: थाईलैंड की टनल बोरिंग मशीन का असेंबल शुरू, 24 घंटे में 20 मीटर सुरंग बनाएगी

इंदौर मेट्रो के भूमिगत सफर की तैयारी शुरू हो गई है, जिसमें थाईलैंड से आई टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) का असेंबल किया जा रहा है। यह 1000 टन वजनी अत्याधुनिक मशीन एक महीने बाद जमीन से 20 मीटर नीचे उतरेगी और 24 घंटे लगातार काम करते हुए प्रतिदिन 20 मीटर तक सुरंग तैयार करेगी। टीबीएम की खासियत यह है कि यह खुदाई के साथ ही सुरंग की मजबूत कंक्रीट की दीवारें भी बनाती जाएगी, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा और सुरंग सुरक्षित व टिकाऊ बनेगी। इंदौर में कुल 12 किलोमीटर मेट्रो भूमिगत रहेगी, जिसका काम 4-5 साल में पूरा होने का अनुमान है।

इंदौर मेट्रो: अंडरग्राउंड ट्रैक निर्माण के लिए थाईलैंड से पहली टीबीएम मशीन के पुर्जे पहुंचे

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए थाईलैंड से पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे पहुंच गए हैं। इन पुर्जों को असेंबल करने में लगभग डेढ़ माह का समय लगेगा, जिसके बाद जमीन से लगभग 20 मीटर नीचे ट्रैक की खुदाई शुरू होगी। कुल चार टीबीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें से पहली मशीन एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थापित की जा रही है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला ने बताया कि मशीन का कटर हेड अभी आना बाकी है, जो सुरंग बनाने का मुख्य कार्य करता है। खुदाई के बाद कंक्रीट के सेगमेंट लगाकर सुरंग को मजबूती प्रदान की जाएगी।

इंदौर मेट्रो के 31 किमी कॉरिडोर पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट की योजना, बनेंगे 4 क्लस्टर

इंदौर में मेट्रो के 31.32 किलोमीटर रूट के आसपास 500-500 मीटर में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) कॉरिडोर विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। इस हाई डेंसिटी डेवलपमेंट में मेट्रो स्टेशन के 500 मीटर क्षेत्र में हाईराइज इमारतें बनेंगी, जिससे आवासीय और व्यावसायिक उपयोग बढ़ेगा। पहले चरण में एयरपोर्ट-गांधी नगर, आईएसबीटी-चंद्रगुप्त चौराहा, राजवाड़ा-रीगल और एससी 4-एससी 3 मेट्रो स्टेशन को मिलाकर चार क्लस्टर बनेंगे। इंस्टीट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स, इंडिया (आईटीपीआई) द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने टीओडी के क्रियान्वयन पर चर्चा की।

इंदौर में लवकुश चौराहे पर निर्माण कार्य से यातायात बाधित

इंदौर में लवकुश चौराहे पर डबल डेकर ब्रिज निर्माण के चलते सर्विस रोड और एक पेट्रोल पंप के सामने हुई खुदाई से सोमवार सुबह लंबा जाम लग गया। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे इस कार्य से उज्जैन-इंदौर मार्ग पर वाहन चालक डेढ़ घंटे तक परेशान रहे। यातायात विभाग को बिना सूचना दिए की गई इस खुदाई के कारण यातायात बाधित हुआ, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। औद्योगिक क्षेत्र से अरविंदो अस्पताल तक सर्विस रोड की खराब हालत भी लंबे समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

इंदौर फ्लाईओवर के नीचे मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा हेतु 16 मीटर लंबी प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई

इंदौर के लवकुश चौराहे पर डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा से यातायात शुरू होने के बाद मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। फ्लाईओवर से ट्रैक पर सामग्री गिरने से रोकने के लिए ब्रा स्ट्रिंग में 16 मीटर लंबी और छह मीटर ऊंची प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन रोड से मरीमाता जाने वाली भुजा का उद्घाटन किया था। आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, नीचे सर्विस रोड निर्माण की सुविधा और यातायात दबाव कम करने के लिए एक भुजा खोली गई है।