मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट में बीमारी से प्रभावित गांव का दौरा किया और घोषणा की कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नेतृत्व में बालाघाट से माओवादी हिंसा का पूरी तरह खात्मा कर दिया गया है। उन्होंने कांग्रेस शासन के दौरान मंत्री की हत्या का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने अब बैगा आदिवासी अंचलों तक सभी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने को चुनौती बताया। उन्होंने बैगा समाज के समग्र उत्थान के लिए आजीविका, पोषण, शिक्षा और रोजगार सहित विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने का भरोसा दिलाया। सरकार ने बैगा आदिवासियों को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और विकास कार्यों की ताजा स्थिति से अमित शाह को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विकास यात्रा को गति देने के लिए केंद्रीय मंत्री से सहयोग और मार्गदर्शन भी मांगा।
ग्वालियर की एक शताब्दी पुरानी नैरो गेज ट्रेन अब हेरिटेज ट्रेन के रूप में भी पटरियों पर वापस नहीं आएगी। रेलवे ने 6 साल पहले कोरोनाकाल में बंद हुई इस ट्रेन को हेरिटेज के रूप में सहेजने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। ग्वालियर से बानमोर तक करीब 20 किलोमीटर नैरो गेज ट्रैक को पूरी तरह उखाड़ने की तैयारी है, जिसके लिए जल्द ही टेंडर जारी होंगे। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों द्वारा स्थल सर्वे के बाद तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से हेरिटेज ट्रेन चलाने से इनकार किया गया। ट्रैक हटने के बाद जमीन के पुनर्विकास की जिम्मेदारी रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) को दी गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने और नए क्षेत्रों के विकास पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। रेडिसन और रोबोट चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी मिली, जिसके लिए 177.33 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग पौने पांच हेक्टेयर भूमि पर 2000 आवासीय यूनिट बनाने का अहम फैसला लिया गया। ये आवास एमआर-12 और एमआर-11 जैसी परियोजनाओं में बाधक निर्माणों से प्रभावित परिवारों के विस्थापन के लिए उपयोग होंगे, जिसकी लागत 519 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। एरोसिटी विकास और अन्य क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली।
ग्वालियर की 27 वर्षीय रेखा बाथम, जो स्वयं कभी असाक्षर थीं, अब 100 से अधिक लोगों को अक्षर ज्ञान प्रदान कर रही हैं। 2021 में पति की मृत्यु के बाद दो बच्चों का बोझ संभालने वाली रेखा ने बच्चों की शिक्षा और दैनिक जीवन की चुनौतियों से प्रेरित होकर 2025 में पढ़ना-लिखना सीखा। वह सप्ताह में दो दिन सरकारी स्कूल किलागेट पर कक्षाएं लेती हैं और उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत लोगों को साक्षर बना रही हैं। रेखा अपनी जीविका चलाने के लिए घरों में भी काम करती हैं।
उत्तर मध्य रेलवे (झांसी मंडल) के मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने मंगलवार को डबरा रेलवे स्टेशन का सघन वार्षिक/प्रगति निरीक्षण किया। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्यों, जिनमें आधुनिक यात्री सुविधाएं, भव्य प्रवेश द्वार और 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज शामिल हैं, की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। डीआरएम ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए तथा ट्रेनों के ठहराव संबंधी मांग पर रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजने की बात कही।
इंदौर मेट्रो परियोजना अब भूमिगत निर्माण चरण में है। एयरपोर्ट से रेलवे स्टेशन तक बनने वाली सुरंग के 30 मीटर दायरे में आने वाले भवनों और जमीन की सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निर्माण से पहले विस्तृत सर्वे होगा और जमीन व भवनों पर सेंसर स्थापित किए जाएंगे। ये सेंसर खिसकाव, कंपन और सूक्ष्म बदलावों को रिकॉर्ड करेंगे। मामूली बदलाव की भी तत्काल रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी। निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे यातायात पर न्यूनतम असर पड़ेगा।
सतना जिले के थरपहाड़ गांव में सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। हाल ही में एक 28 वर्षीय मरीज गोरे सिंह को उल्टी-दस्त के कारण अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को कंधे पर उठाकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ा। उपचार के बाद वापस गांव लाने में भी इसी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर बीमारियों या आपात स्थितियों में वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों को मुख्य मार्ग तक ले जाने में परेशानी होती है। बारिश में यह समस्या और बढ़ जाती है।
उज्जैन में सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अपने पैतृक मकान पर गेती चलाकर भवन हटाने की शुरुआत की। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए राज्य शासन ने 9.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह मार्ग सिंहस्थ के दौरान सुगम यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, और मुख्यमंत्री की इस पहल से त्याग का संदेश भी दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन स्थित अपने पैतृक घर का एक हिस्सा गैंती चलाकर हटाया। उन्होंने इस दौरान भावुकता व्यक्त करते हुए इसे विकास के लिए आवश्यक बलिदान बताया। डॉ. यादव ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास है, जिसमें उज्जैन के लोग और सभी समुदाय अपने देवस्थान तक पीछे हटा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर सुशासन को प्राथमिकता देने का उदाहरण बताया। यह कदम सिंहस्थ से पूर्व उज्जैन की सड़क और शहरी अधोसंरचना को विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।