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भोपाल जिला अदालत में 46 जजों के पद खाली, 1.50 लाख मामले लंबित

भोपाल जिला अदालत में 46 जजों के पद खाली होने के कारण न्याय की गति धीमी पड़ गई है, जिससे लगभग 1.50 लाख मामले लंबित हैं। स्वीकृत 112 पदों में से केवल 66 जज ही कार्यरत हैं, जिसके चलते प्रत्येक अदालत पर 4 से 6 हजार मामलों का बोझ है। 20% से अधिक मामले 5 से 10 साल पुराने हैं। नए जजों के लिए पर्याप्त कोर्टरूम नहीं हैं; 10 कोर्टरूम को विधिक सेवा प्राधिकरण भवन में स्थानांतरित करना पड़ा है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पुरानी जेल की जमीन पर प्रस्तावित नई मल्टी-स्टोरी अदालत भवन परियोजना भी हाउसिंग बोर्ड के प्रस्ताव और जेल विभाग की कैदी शिफ्टिंग के कारण अटकी हुई है।

सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की नई इकाई की तैयारी तेज, पर्यावरण मंत्रालय को डीपीआर भेजी

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (एमपीपीजीसीएल) सारणी ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की एक अतिरिक्त इकाई स्थापित करने की तैयारी में तेजी ला रही है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा, जो परियोजना के अंतिम स्वरूप पर निर्णय लेगी। एमपीपीजीसीएल के डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम के अनुसार, कंपनी परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर लाना चाहती है।

इंदौर बायपास पर 150 करोड़ का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट रद्द, अब 6-लेन ग्रेड सेपरेटर का प्रस्ताव

इंदौर बायपास पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और अत्यधिक लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया रोड, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को भेजा है। आईडीए के अनुसार, यह स्थायी समाधान वर्तमान और भविष्य के यातायात दबाव को संभालने के लिए आवश्यक है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्थाएं अगले 2-3 वर्षों में ध्वस्त हो सकती हैं।

इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना: 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग कार्य पूर्ण

इंदौर-दाहोद नई रेल लाइन परियोजना में 2957 मीटर लंबी सुरंग में लाइनिंग का कार्य पूर्ण हो गया है। पश्चिम रेलवे के अनुसार, यह कार्य सुरंग को स्थायित्व और सुरक्षा प्रदान करता है। परियोजना में 1216 मीटर बैलास्टलेस ट्रैक का निर्माण भी पूरा हो चुका है, जबकि 810 मीटर पर कार्य प्रगति पर है। पीसीसी फाइनल और फर्स्ट लेयर का अधिकांश काम भी संपन्न हो गया है। आपातकालीन शरण स्थल, रेस्क्यू शाफ्ट और वेंटिलेशन डक्ट का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। टीही से धार के बीच 95% सिग्नलिंग कार्य भी पूरा हो गया है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क को मजबूत करेगी।

सांसद शंकर लालवानी ने रेल मंत्री से इंदौर-मालवा क्षेत्र के लिए नई ट्रेनों और परियोजनाओं की मांग की

सांसद शंकर लालवानी ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की, जिसमें सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत इंदौर और मालवा क्षेत्र की रेल अधोसंरचना को मजबूत करने पर चर्चा हुई। उन्होंने इंदौर व लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास, राऊ, राजेंद्र नगर, चंद्रावतीगंज और गौतमपुरा सहित अन्य स्टेशनों के विकास तथा प्लेटफॉर्म क्षमता बढ़ाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, इंदौर-खंडवा व इंदौर-दाहोद सहित लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने और इंदौर से नई ट्रेनें चलाने व अतिरिक्त फेरों को नियमित करने का आग्रह किया गया।

इंदौर मेट्रो: अंडरग्राउंड ट्रैक निर्माण के लिए थाईलैंड से पहली टीबीएम मशीन के पुर्जे पहुंचे

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए थाईलैंड से पहली टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के पुर्जे पहुंच गए हैं। इन पुर्जों को असेंबल करने में लगभग डेढ़ माह का समय लगेगा, जिसके बाद जमीन से लगभग 20 मीटर नीचे ट्रैक की खुदाई शुरू होगी। कुल चार टीबीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा, जिनमें से पहली मशीन एयरपोर्ट क्षेत्र में स्थापित की जा रही है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के जनसंपर्क अधिकारी धीरज शुक्ला ने बताया कि मशीन का कटर हेड अभी आना बाकी है, जो सुरंग बनाने का मुख्य कार्य करता है। खुदाई के बाद कंक्रीट के सेगमेंट लगाकर सुरंग को मजबूती प्रदान की जाएगी।

इंदौर फ्लाईओवर के नीचे मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा हेतु 16 मीटर लंबी प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई

इंदौर के लवकुश चौराहे पर डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा से यातायात शुरू होने के बाद मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। फ्लाईओवर से ट्रैक पर सामग्री गिरने से रोकने के लिए ब्रा स्ट्रिंग में 16 मीटर लंबी और छह मीटर ऊंची प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इसकी ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन रोड से मरीमाता जाने वाली भुजा का उद्घाटन किया था। आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े के अनुसार, नीचे सर्विस रोड निर्माण की सुविधा और यातायात दबाव कम करने के लिए एक भुजा खोली गई है।